हरियाणा में एक लड़की का कथित रूप से पीछा करने के आरोप में शनिवार(5 अगस्त) को हरियाणा में बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया था। लेकिन उसके बाद से ही यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, इस घटना के बाद बीजेपी चौतरफा घिरती दिखाई दे रही है देश भर में इस घटना की निंदा हो रही है।
विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ अब पार्टी के अंदर से ही आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं। इतना ही नहीं अब वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष ने भी बीजेपी नेता के बेटे द्वारा एक लड़की का पीछा किए जाने के मामले की तुलना केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का दिल्ली विश्वविद्यालय के चार लड़कों का पीछा किए जाने की घटना से की है।
सागरिका घोष ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, जब स्मृति ईरानी का डीयू के लड़कों ने पीछा किया तो उन्हें गिरफ्तार कर सजा दी गई, वैसा ही बीजेपी के बेटा बचाओ नेता के बेटे के खिलाफ क्यों नहीं किया जा रहा?
When @smritiirani stalked by DU students, arrested, given punishment, why not same treatment to beta bachao @BJP4India neta son?
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) August 7, 2017
बता दें कि, इसी साल अप्रैल में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले चार लड़कों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी। उन्होंने लड़को पर आरोप लगाया था कि वो उनकी कार का पीछा कर रहे थे और एक बार उनकी गाड़ी को ओवरटेक भी किया था।
जिस पर पुलिस से कार्रवाई करते हुए चारों लड़कों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें अगले दिन जमानत मिल पाई थी। बता दें कि स्मृति ईरानी का पीछा करने वाले चारों छात्रों को पुलिस ने आईपीसी की धारा 354 और 509 के तहत गिरफ्तार किया था। घटना शनिवार(1 अप्रैल) शाम करीब साढ़े पांच बजे की थी।
बीजेपी नेता ने पीड़िता पर उठाए सवाल
बता दें कि, इसी बीच हरियाणा बीजेपी के उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी ने एक विवादित बयान देकर मामले को और गर्म कर दिया है। रामवीर भट्टी ने पीड़िता पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा था कि, “वो लड़की इतनी रात को क्यों घूम रही थी? लड़की को 12 बजे के बाहर नहीं घूमना चाहिए था।” साथ ही भट्टी ने ये भी कहा था कि माहौल सही नहीं है और हमें अपनी रक्षा खुद करनी पड़ती है, लड़की को इतनी रात बाहर नहीं घूमना चाहिए था।
पीड़िता ने बीजेपी नेता को किया करारा जवाब
एनडीटीवी(NDTV) से बात करते हुए रामवीर भट्टी के इस सवाल का करारा जवाब देते हुए पीड़िता ने कहा कि, “यह पूछना उनका काम नहीं है। यह निर्धारित करना मेरा और मेरे परिवार का काम है कि मैं क्या करूं और कहां जाऊं, यदि इस तरह के लोग समाज में न होते तो मैं असुरक्षित नहीं होती फिर चाहे रात के 12 बजे होते या चार बजे होते।
साथ ही पीड़िता ने आगे कहा कि, “यदि ये रात को होता है तो मेरी गलती है? मुझ पर क्यों सवाल उठाए जा रहे हैं? मुझ पर हमला हुआ है लेकिन पूछताछ आरोपियों से नहीं की जा रही है।” चंडीगढ़ मामले की पीड़िता के पिता भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं।
इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे सुब्रमण्यन स्वामी
वहीं एक मामले को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने आरोपियों को ‘नशे में धुत गुंडे’ बताते हुए इस मामले में सोमवार(7 अगस्त) को ट्वीट कर कहा कि वह इस केस में कोर्ट में पीआईएल दाखिल करेंगे। बीजेपी नेता स्वामी ने लिखा कि चंडीगढ़ में आईएएस ऑफिसर की बेटी के साथ छेड़छाड़ के मामले में वह पीआईएल दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की रीढ़ की हड्डी नहीं है, उसकी सर्जरी की आवश्यकता है, इसलिए मैं पीआईएल फाइल करने जा रहा हूं।
With my associate lawyer A.P. Jagga on attempted abduction of a IAS officer's daughter by two drunk goons I will file a PIL in Chandigarh
— Subramanian Swamy (@Swamy39) August 7, 2017
बीजेपी सांसद ने सुभाष बराला का मांगा इस्तीफा
वहीं, स्वामी के अलावा बीजेपी सांसद राज कुमार सैनी ने कहा है कि चंडीगढ़ में कथित तौर पर हुई घटना में अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला को नैतिक आधार पर अपना पद छोड़ देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नशे में ड्राइविंग और एक महिला का पीछा करना एक गंभीर अपराध है।