मोदी सरकार बनने के बाद भीड़ या स्वयंभू संगठनों द्वारा 23 मुस्लिमों की हो चुकी है हत्या

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दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू ट्रेन में मामूली विवाद के बाद गुरुवार(22 जून) को मारे गए हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी मुसलमान युवक जुनैद खान की हत्या के बाद से मुस्लिम समुदाय सहित हर धर्म के लोग गुस्से में हैं। मोदी सरकार बनने के बाद भारत में भीड़ द्वारा लगातार हमले और हत्याओं को लेकर हर कोई अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज करा रहा है।

PTI

दिल्ली में बुधवार(28 जून) शाम जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन किया गया, जिसमें बल्लभगढ़ निवासी मुसलमान युवक जुनैद खान सहित देश भर में भीड़ द्वारा जगह-जगह की जा रही हत्याओं के खिलाफ आवाज उठाई गई। ‘नॉट इन माइ नेम’ शीर्षक से यह प्रदर्शन किया गया। इस कैंपेन में हजारों लोग शामिल हुए।

 

इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया ने मीडिया रिपोर्ट्स की समीक्षा कर एक रिपोर्ट जारी किया है जिसके मुताबिक, केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद मई 2014 के बाद से भीड़ या स्वयंभू संगठनों द्वारा मुसलमानों पर कुल 32 जानलेवा हमले हुए हैं। इन हमलों में 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

हालांकि, अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ये हमलों का एक सामान्य आंकलन है, क्योंकि बहुत सारे मामले तो राष्ट्रीय मीडिया में कवर भी नहीं होते। रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2014 से दिसंबर 2015 के बीच गाय से जुड़े अपराधों के 11 मामले सामने आए। वहीं, वर्ष 2016 में 16 केस, जबकि 2017 के 6 महीनों में 9 मामले सामने आ चुके हैं।

इनमें से अधिकतर हमले उत्तरी भारत में हुए हैं। इस रिपोर्ट से यह साफ होता है कि एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद इस तरह के हमलों में भारी इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से अधिकतर हमले गाय के मुद्दे से जुड़े हुए थे। मसलन-गोहत्या, गाय की तस्करी, बीफ खाने, बीफ रखने आदि का आरोप लगाकर हमला किया गया है। गाय से जुड़े इन अपराधों का दायरा 12 राज्यों में फैला हुआ है।

चिंताजनक बात यह है कि पीएम मोदी के नसीहत के बावजूद इन अपराधों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। भीड़ द्वारा लगातार हमले और हत्याओं को लेकर हर कोई अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज करा रहा है। बल्लभगढ़ में रोजेदार की हत्या से गुस्साए मुस्ल‍िम समुदाय के लोगों ने ईद के मौके पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी और अपना विरोध जताया था।

PM मोदी ने तोड़ी चुप्पी

पीएम मोदी ने जुनैद हत्याकांड और देश भर में भीड़ के द्वारा धर्म के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर गुरुवार(22 जून) को चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के वर्तमान माहौल की ओर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं और अपनी नाराजगी भी व्यक्त करता हूं। गाय पर बोलते हुए पीएम मोदी भावुक हो गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं है। उनकी टिप्पणी कथित गोरक्षकों द्वारा किए गए हालिया हमलों और विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आई है। महात्मा गांधी के गुरू श्रीमद राजचंद्रजी की 150वीं जयंती के मौके पर मोदी ने गुजरात के साबरमती आश्रम में संबोधन के दौरान यह बात कही।

हसा की कुछ बड़ी वारदातें

  • 22 जून को बल्लभगढ़ में ट्रेन से सफर कर रहे जुनैद नामक युवक की कथित तौर पर बीफ को लेकर हुए विवाद में हत्या कर दी गई। जबकि उसके दो भाइयों को घायल कर दिया।
  • 30 अप्रैल को असम के नागौन जिले के पास गाय चोरी के आरोप में दो मुस्लिमों की हत्या कर दी।
  • 1 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में 50 वर्षीय पहलू खान की गोतस्करी के आरोप में स्वयंभू गोरक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
  • 29 जून को प्रतिबंधित मांस ले जाने के आरोप में झारखंड में एक युवक को बेकाबू भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला।भीड़ ने सुबह साढ़े नौ बजे मनुआ-फुलसराय निवासी अलीमुद्दीन अंसारी को इतना पीटा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
  • 26 जुलाई 2016 को मंदसौर स्टेशन पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बीफ ले जाने के शक में दो मुस्लिम महिलाओं की बर्बर तरीके से पिटाई की थी।

 

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