मुसलमानों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ BJP के अंदर से ही उठी आवाज

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दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू ट्रेन में मामूली विवाद के बाद गुरुवार(22 जून) को मारे गए हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी रोजेदार मुसलमान युवक जुनैद खान की हत्या के बाद से भारत सहित विश्व भर में रह रहे भारतीय मुसलमान गुस्से में हैं। रोजेदार की हत्या से गुस्साए मुस्ल‍िम समुदाय के लोगों ने सोमवार(26 जून) को काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ी।

Express Photo

हालांकि, इस मामले पर अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई बयान नहीं आया है। पीएम मोदी भले ही चुप्पी साध रखें हों, लेकिन मुसलमानों पर लगातार हो रहे हमलों पर अब भारतीय जनता पार्टी(बीजपी) के अंदर से ही सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इसकी शुरूआता बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी ने की है।

अब्दुल रशीद ने सोमवार (26 जून) को कहा है कि वो और उनकी पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे हमलों को लेकर चिंतित है। अंसारी ने कहा कि वो अल्पसंख्यकों को ऐसा लगना चाहिए कि ‘सरकार उनकी चिंता करती है।’ अंसारी ने कहा कि ‘अल्पसंख्यक समुदाय को ऐसा माहौल दिया जाना चाहिए, जिसमें वो सुरक्षित महसूस कर सकें और उन्हें लगे कि सरकार उनकी परवाह करती है।’

जनसत्ता ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि रशीद ने बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन के घर आयोजित ईद की दावत के मौके पर इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान यह बात की। जुनैद के मारे जाने पर बीजेपी नेताओं की चुप्पी पर अंसारी ने कहा कि, ‘मैं न केवल मुसलमान के तौर पर बल्कि एक भारतीय नागरिक, एक राजनीतिक दल के सदस्य के रूप में इसे लेकर चिंतित हूं। मेरी पार्टी भी इस मामले को लेकर इतनी ही चिंतित है।’

जनसत्ता के मुताबिक, अंसारी ने कहा कि, ‘कोई भी बीजेपी नेताओं और बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार की नीयत पर सवाल नहीं उठा सकता।’ बता दें कि अंसारी का बयान ऐसे समय में आया है जब हरियाणा के बल्लभगढ़ में एक 15 वर्षीय मुस्लिम युवक जुनैद की 22 जून को ट्रेन में हुए मामूली विवाद के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने ‘बीफ खाने वाले’ कहकर तंज कसा था।

हालांकि, अंसारी मानते हैं कि ट्रेन में भीड़ द्वारा की गई हत्या को ‘सरकार की विफलता’ नहीं कहा जा सकता। अंसारी ने कहा कि ‘कोई ये कह सकता है कि पुलिस और सुरक्षा बलों को ऐसी घटनाएं नहीं होनी देनी चाहिए। ऐसी घटनाओं को रोकने की उनकी क्षमता पर अंगुली उठाई जा सकती है। लेकिन तीन-चार पुलिसवाले या सुरक्षाबल सैकड़ों लोगों की भीड़ के आगे कुछ नहीं कर सकते। हां वो दूसरों को आगाह कर सकते थे।’

बता दें कि जुनैद की हत्या से गुस्साए मुस्ल‍िम समुदाय के लोगों ने सोमवार(26 जून) को काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ी। बल्लभगढ़ के नजदीक खंदावली गांव के लोगों का कहना है कि ट्रेन में जुनैद की पीट-पीटकर की गई हत्या ने ईद की खुशियों को फीका कर दिया है।

मुसलमानों पर लगातार हो रहे हैं हमले

बता दें कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बाद एक के बाद एक लगातार मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी इस गंभीर मसले पर अभी तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़े हैं। जिस वजह से हमलावरों को सरकार की तरफ से परोक्ष रूप से समर्थन मिल रहा है।

गौरतलब है कि हरियाणा में गत गुरुवार(22 जून) को ट्रेन में ईद की खरीदारी करने जा रहे एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, साथ ही उसी दिन पश्चिम बंगाल में कथित रूप से गाय की चोरी के आरोप में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

जबकि, हाल में जम्मू-कश्मीर में पुलिस अफसर अयूब पंडित की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, इससे पहले राजस्थान के अलवर में भीड़ द्वारा पहलू खां और दादरी में अखलाक को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इन हमलों के विरोध में ईद के मौके पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़े।

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