ट्रेन में पीट-पीटकर हत्या: भारतीय मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर पढ़ी नमाज

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दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू ट्रेन में बीफ की अफवाह के बाद गुरुवार(22 जून) को मारे गए बल्लभगढ़ निवासी रोजेदार मुसलमान युवक जुनैद की हत्या के बाद से भारत सहित विश्व भर में रह रहे भारतीय मुसलमान गुस्से में हैं।रोजेदार की हत्या से गुस्साए मुस्ल‍िम समुदाय के लोगों ने आज(26 जून) काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ी। 

मुसलमानों पर लगातार हो रहे हमलों के विरोध में पिछले कई दिनों से काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। बल्लभगढ़ के नजदीक खंदावली गांव के लोगों का कहना है कि ट्रेन में जुनैद की पीट-पीटकर की गई हत्या ने ईद की खुशियों को फीका कर दिया है।

ग्रामीणों ने भीड़ द्वारा जुनैद की हत्या के विरोध में ईद की नमाज काली पट्टी बांधकर अदा किया। हालांकि, उनके घरों में सेवइयां आदि नहीं बनाई जा रही हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर ईद मनाने का फैसला किया है।

माइनारिटी एजुकेशन एण्ड इम्पॉवरमेंट मिशन (मीम) के उत्तर प्रदेश सचिव अब्दुल हन्नान ने रविवार(25 जून) को बताया कि उनके संगठन ने देश की तमाम मस्जिदों के इमामों को फोन करके कहा है कि वे मुसलमानों से ईद की नमाज पढ़ते वक्त बाजू पर काली पट्टी बांधने को कहें।

उन्होंने दावा किया कि इस मुहिम में लखनऊ स्थित प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्थान नदवतुल उलमा ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है। हन्नान ने बताया कि उनके संगठन से जुड़े लोग इस संदेश को दूर-दूर तक फैला रहे हैं। कोशिश है कि इस विरोध को बड़े पैमाने पर सरकार के पास पहुंचाया जाए, ताकि भीड़ के हाथों मौतों का सिलसिला रोका जा सके।

साथ ही इस सिलसिले में फेसबुक पर अभियान चला रहे शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि हमने युवाओं से अपील की है कि वे इन घटनाओं के विरोध में काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ें और अपनी तस्वीर खींचकर फेसबुक पर अपलोड करें।

इमरान ने कहा कि हमारे सामने ईद का त्यौहार है, जो खुशी का दिन है, लेकिन इस त्यौहार पर समाज ने हमें तोहफे में खून सनी हुई लाशें दी हैं। फरीदाबाद में जुनैद और श्रीनगर में अयूब पंडित का वीडियो देखने के बाद खामोश रहना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं अब बड़े विरोध की जरूरत है। काली पट्टी बांधकर हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं। बता दें कि केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से मुसलमानों पर हमलों की संख्या बढ़ी है और बहुत से लोगों का मानना है कि हमलावरों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।

मुसलमानों पर लगातार हो रहे हैं हमले

गौरतलब है कि हरियाणा में गत गुरुवार(22 जून) को ट्रेन में ईद की खरीदारी करने जा रहे एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, साथ ही उसी दिन पश्चिम बंगाल में कथित रूप से गाय की चोरी के आरोप में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

जबकि, हाल में जम्मू-कश्मीर में पुलिस अफसर अयूब पंडित की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, इससे पहले राजस्थान के अलवर में भीड़ द्वारा पहलू खां की हत्या, दादरी में अखलाक हत्या कांड इत्यादि मामलों का विरोध जताने के लिए सोशल मीडिया पर भी यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें फैसला हुआ है कि मुस्लिम समुदाय के लोग आज(26 जून) ईद के मौके पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ेंगे।

हमलावरों को सरकार का संरक्षण प्राप्त

‘जनता का रिपोर्टर’ के प्रधान संपादक रिफत जावेद का कहना है कि, केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हमलों की संख्या बढ़ी है। उनका मानना है कि हमलावरों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो इनके अंदर इतनी साहस कहां से आती?जावेद ने कहा कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बाद एक के बाद एक लगातार मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी इस गंभीर मसले पर अभी तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़े हैं। जिस वजह से हमलावरों को सरकार की तरफ से परोक्ष रूप से समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में निर्दोष मुस्लिम युवक को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, हमे यह सोचने की जरूरत है कि हम कहां जा रहे हैं।

जावेद ने कहा कि मुसलमानों को विरोध जताने का इससे बेहतरीन तरीका कोई और नहीं हो सकता, इसलिए मोदी सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए मुसलमानों ने आज काली पट्टी बांधकर ईद मनाने का फैसला किया है। जावेद ने कहा कि शायद इससे गहरी नींद में सोई हुई सरकार जाग जाए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अभियान

https://twitter.com/prakram_pmk/status/879177496100577281

https://twitter.com/jvdtwit/status/879186983372894208

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