मानवाधिकार कार्यकताओं की गिरफ्तारी पर बोलीं ट्विंकल- आज़ादी एक साथ कभी नहीं छीनी जाती, एक-एक कर छीनी जाती है

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भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ्तार सभी पांच मानवाधिकार कार्यकताओं पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच में बुधवार (29 अगस्त) को सुनवाई हुई। कोर्ट ने पांचों को 6 सितंबर तक घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा इस मामले में विचारकों को जेल नहीं भेजा जाएगा। कोर्ट ने इसी के साथ स्पष्ट किया कि पांचों को रिमांड पर नहीं लिया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी।

फाइल फोटो- ट्विंकल खन्ना

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लेकर सभी अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी सन्दर्भ में अब बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार की पत्नी लेखिका और एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने भी अपनी बात रखी है।

ट्विंकल खन्ना ने गुरुवार(29 अगस्त) को ट्वीट करते हुए लिखा, “आज़ादी एक साथ कभी नहीं छीनी जाती, एक-एक कर छीनी जाती है। एक समय पर सिर्फ एक, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक वकील, एक लेखक और फिर एक-एक कर हम सब..।”

हांलाकी ट्विंकल खन्ना ने अपने इस ट्वीट में कोरेगांव-भीमा गांव में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार हुए किसी भी मानवाधिकार कार्यकताओं का नाम नहीं लिया है लेकिन कई लोगों का कहना है कि ट्विंकल ने इस ट्वीट के जरिए वामपंथी नेताओं पर की गई कार्रवाई का विरोध किया है।

बता दें कि ट्विंकल खन्ना हमेशा अपनी चंचल बातों के लिए जाने जाती हैं। ट्विंकल सामाजिक मसलों और सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई बार अलग-अलग अंदाज़ में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के बारे में टिप्पणियां करती रहीं है।

सिर्फ ट्विंकल खन्ना ही नहीं बल्कि स्वरा भास्कर ने भी अपने ही अंदाज में इसका विरोध किया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की जिसमें नए भारत की तस्वीर दिखाई गई है। इस तस्वीर में एक साइड एक्टिविस्ट नजर आ रहे हैं तो दूसरी तरफ लिंचिंग करने वाले। तस्वीर में लिंचिंग करने वाले को बेल और एक्टिविस्ट को जेल जाते हुए दिखाया गया है।

बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामलों में मंगलवार (28 अगस्त) को देश के कई राज्यों में वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों पर छापेमारी से हंगामा मच गया था। पुलिस ने इस मामले में जानीमानी वकील सुधा भारद्वाज, पत्रकार गौतम नवलखा, तेलुगु कवि वरवरा राव, लेक्चरर वेरनॉन गोंजाल्विस और वकील एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता अरुण फरेरा को मंगलवार को अरेस्ट किया था।

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