पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान खुद के चार राज्य नहीं संभाल सकता वह कश्मीर क्या लेगा। अफरीदी का यह बयान अपने देश और वहां की नई सरकार के रुख के विपरीत है कि उनका देश कश्मीर पर कब्जा करना नहीं चाहता, क्योंकि वह अपने चार प्रांतों को ही संभाल नहीं पा रहा है। अफरीदी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
इस बयान को भारतीय मीडिया ने हाथों हाथ लिया और इस तरह पेश किया गया कि अफरीदी यह कहने की कोशिश कर रहे थे कि पाकिस्तान को कश्मीर पर हक जताना छोड़ देना चाहिए। यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से जब पत्रकारों ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने भी अफरीदी के बयान के सिर्फ उस हिस्से का समर्थक किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान अपने चार सूबों को नहीं संभाल पा रहा।
छत्तीसगढ़ में मौजूद राजनाथ सिंह से जब पत्रकारों ने अफरीदी के बयान के बारे में पूछा तो उन्होंने अफरीदी की तारीफ करते हुए कहा, “बात तो ठीक कही उन्होंने। वो पाकिस्तान नहीं संभाल पा रहे हैं, कश्मीर क्या संभालेंगे। कश्मीर के बारे में कोई सवाल ही नहीं है। कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा।”
#WATCH: "Baat to thik kaha unhone. Woh Pakistan nahi sambhal pa rahe, Kashmir kya sambhal paayenge. Kashmir Bharat ka part tha, hai, aur rahega," says Home Min Rajnath Singh on Shahid Afridi's statement 'Pakistan doesn’t need Kashmir, as it cannot manage its own four provinces' pic.twitter.com/QA8hLvLVxJ
— ANI (@ANI) November 15, 2018
सोशल मीडिया में आए एक वीडियो के अनुसार, अफरीदी ने ब्रिटिश संसद में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं कहता हूं कि चलो पाकिस्तान को नहीं चाहिए कश्मीर… इंडिया को भी न दो। कश्मीर अपना एक मुल्क बने। कम से कम इंसानियत तो जिंदा रहे। जो लोग मर रहे हैं वो तो ना हो यार। नहीं चाहिए पाकिस्तान को… पाकिस्तान से ये चार सूबे नहीं संभल रहे। इंसानियत बड़ी चीज है, जो वहां पर लोग मर रहे हैं, तकलीफ होती है। कहीं पर भी इंसान मरता है, चाहे वह किसी भी मजहब का हो, तकलीफ होती है।”
https://twitter.com/TheMountaineer_/status/1062549413778706433?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1062549413778706433&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Findia%2Fshahid-afridi-holds-up-mirror-to-virat-kohli-gautam-gambhir-on-why-message-of-humanity-is-more-important-than-pushing-fake-nationalism%2F218733%2F
भारतीय मीडिया पर फोड़ा ठीकरा
हालांकि, इस मुद्दे पर बाद में सफाई देते हुए शाहिद अफरीदी ने ट्वीट कर लिखा है कि मेरी टिप्पणी को भारतीय मीडिया द्वारा गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मैं अपने देश के बारे में भावुक हूं और कश्मीरियों के संघर्षों को बहुत महत्व देता हूं। मानवता को जीतना चाहिए और उन्हें अपने अधिकार प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि मेरी क्लिप अधूरी और संदर्भ से बाहर जो मैंने पहले कहा था वह गायब है।
अफरीदी ने ट्वीट में लिखा है, “मेरी क्लिप अधूरी है और इसे संदर्भ से हटकर पेश किया जा रहा है, क्योंकि उससे पहले जो मैंने कहा था वो इसमें नहीं है। कश्मीर एक अनसुलझी गुत्थी है और भारत के निर्मम कब्जे में है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत इसका हल निकाला जाना चाहिए। मुझ समेत प्रत्येक पाकिस्तानी कश्मीर की आजादी के संघर्ष का समर्थन करता है। कश्मीर पाकिस्तान का है।”
My clip is incomplete & out of context as what I said before that is missing.Kashmir is unresolved dispute & under brutal Indian occupation. It must be resolved as per UN resolution. Myself along with every Pakistani support Kashmiri freedom struggle. Kashmir belongs to Pakistan.
— Shahid Afridi (@SAfridiOfficial) November 14, 2018
एक अन्य ट्वीट में अफरीदी ने लिखा है, “मेरे बयान को भारतीय मीडिया गलत रूप में पेश कर रहा है। मैं अपने देश से प्यार करता हूं और कश्मीरियों के संघर्ष का काफी सम्मान करता हूं। मानवता की जीत होनी चाहिए और उन्हें उनके अधिकार मिलने चाहिए।”
My comments are being misconstrued by Indian media! I'm passionate about my country and greatly value the struggles of Kashmiris. Humanity must prevail and they should get their rights.
— Shahid Afridi (@SAfridiOfficial) November 14, 2018
अफरीदी के इस बयान का भले ही पाकिस्तान में विरोध हो रहा हो, लेकिन भारत में गृह मंत्री के साथ-साथ लाखों लोगों ने दिल खोलकर उनके बयान का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अफरीदी ने विराट कोहली और गौतम गंभीर जैसे भारतीय क्रिकेटरों को आईना दिखाने का काम किया है, जो इस बात का संदेश देता है कि ‘फर्जी राष्ट्रवाद’ से ज्यादा महत्वपूर्ण मानवता के लिए खड़े होना है। आपको बता दें कि कोहली और गंभीर अतीत में कई विवाद बयान दे चुके हैं।
अभी हाल ही में विराट कोहली अपने बयान की वजह से फैंस के निशाने पर आ गए थे। सोशल मीडिया पर विराट को काफी ट्रोल किया गया। फैंस के अलावा कई बड़े पूर्व खिलाड़ियों ने भी विराट के बयान की आलोचना की थी। कोहली सोशल मीडिया पर उस समय प्रशंसकों के निशाने पर आ गए थे जब उन्होंने एक फैन से कहा था कि यदि वे भारतीय क्रिकेटरों को खेलते देखना पसंद नहीं करते हैं तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।
वहीं, गौतम गंभीर ने पिछले साल एक ट्वीट में राष्ट्रीय ध्वज की एक नई परिभाषा बताते हुए लिखा था, ‘भारत विरोधी भूल गए हैं कि हमारा झंडे के तीन रंगों का क्या अर्थ है। केसरिया- हमारे क्रोध की आग है, सफेद- जिहादियों के लिए कफन, हरा- आतंक के खिलाफ द्वेष है।’ विवादित ट्वीट को लेकर ऑस्ट्रेलिया के एक पत्रकार ने गौतम गंभीर को ‘मौखिक आतंकवादी’ बता दिया था।