राष्ट्रीय ध्वज के रंगों की नई परिभाषा देकर ट्रोल हुए गौतम गंभीर

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श्रीनगर लोकसभा सीट पर नौ अप्रैल को हुए उपचुनाव के दौरान कुछ कश्मीरी युवकों द्वारा CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) जवानों की पिटाई करने वाला वीडियो सामने आने पर पर देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस घटना पर मशहूर क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कल(13 अप्रैल) ट्वीट कर कड़ी निंदा की।

गंभीर ने कहा है कि ‘सेना के एक जवान को मारे जाने वाले हरेक थप्पड़ पर कम से कम 100 जिहादियों की जिंदगी। जिन्हें आजादी चाहिए, वो चले जाएं। कश्मीर हमारा हैं।’ गंभीर ने अपने इस ट्वीट को #kashmirbelongs2us के साथ हैशटैग भी किया।

वहीं, एक अन्य ट्वीट में गंभीर ने राष्ट्रीय ध्वज की एक नई परिभाषा बताते हुए लिखा, ‘भारत विरोधी भूल गए हैं कि हमारा झंडे के तीन रंगों का क्या अर्थ है। केसरिया- हमारे क्रोध की आग है, सफेद- जिहादियों के लिए कफन, हरा- आतंक के खिलाफ द्वेष है।’

गंभीर के पहले ट्वीट की तो देशवासियों ने जमकर सराहना की है। लेकिन गंभीर ने अपने दूसरे ट्वीट में तिरंगे की जो परिभाषा बताए हैं वह लोगों को पसंद नहीं आया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर गंभीर ट्रोल होने लगे। लोगों ने गंभीर को राष्ट्रीय ध्वज की परिभाषा बताते हुए कहा कि, केसरिया रंग- देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है, सफेद- शांति और सत्य का प्रतीक है, हरा- उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है।

पढ़ें, लोगों ने गंभीर को कैसे किया ट्रोल?

क्या है CRPF जवानों की पिटाई का मामला?

दरअसल, एक वायरल वीडियो में कश्मीरी युवक चुनाव ड्यूटी में लगे CRPF जवानों के साथ बदसलूकी करते नजर आ रहे थे। वे न केवल उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, बल्कि जवानों के साथ हाथापाई भी कर रहे थे। इस सबके बावजूद हथियारों से लैस सेना के जवान अपना धैर्य बनाए हुए थे। ये जवान 9 अप्रैल को हुए श्रीनगर और बड़गाम के पोलिंग बूथ से EVM और पोलिंग पार्टी को लेकर वापस आ रहे थे। इस मामले में CRPF की शिकायत पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार(13 अप्रैल) को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

 

 

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