राष्ट्रीय राजधानी स्थित रामजस कॉलेज में गुरुकुल तरीके से शिक्षा देने की योजना के बारे में खबरें सामने आने के बाद कॉलेज के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की कोई योजना नहीं है। कॉलेज के स्टॉफ काउंसिल के सचिव शिशिर कुमार झा ने बताया कि प्रिंसिपल और उनके सहित केवल तीन व्यक्ति ही आधिकारिक बयान जारी करने के लिए अधिकृत हैं।
फोटो: Getmyuniउन्होंने बताया कि गुरुकुल तरीके से शिक्षा व्यवस्था रामजस कॉलेज में नहीं अपनायी जा रही। इस तरह का कोई एजेंडा यहां नहीं है। जारी किये गलत बयानों को व्यक्तिगत राय के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रामजस में गुरुकुल जैसी शिक्षा प्रणाली को नहीं अपनाया जाएगा। इस तरह का कोई एजेंडा कभी नहीं रहा है।
दरअसल, पहले ऐसी खबरें आई थी कि नए छात्रों को हर सुबह राष्ट्रीय गीत गाना होगा और कॉलेज में योग क्लास में हिस्सा लेना होगा, ताकि कैंपस में हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके। बता दें कि इस साल फरवरी में ‘विरोध की संस्कृति’ पर आयोजित होने वाले एक सेमिनार को संबोधित करने के लिए जेएनयू के छात्रों उमर खालिद और शेहला राशिद को आमंत्रित किया गया था।
इन छात्रों को आमंत्रित करने को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई थी। जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया था।