कुछ दिनों पहले ही दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने बुनियादी सरकारी सेवाओं जैसे जन्म प्रमाण पत्र, लाइसेंस, पेंशन, कल्याण स्कीम, राशन कार्ड आदि की डिलिवरी घर-घर जाकर करने की दिल्ली सरकार की प्रस्तावित योजना को खारिज कर दिया है। वहीं अब ख़बर है कि, दिल्ली सरकार दरवाजे तक सेवा आपूर्ति प्रस्ताव को एक बार फिर से उपराज्यपाल के पास भेजेगी।
न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आप सरकार महत्वाकांक्षी दरवाजे तक सेवाओं की आपूर्ति योजना का अपना प्रस्ताव मंजूरी के लिए फिर से उपराज्यपाल अनिल बैजल को भेजेगी। इसमें उनकी ओर से जताई गई हर आपत्ति पर विस्तृत जवाब होगा।
बता दें कि, यह कार्यक्रम अभी उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच तकरार का कारण बना हुआ है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बैजल से पूछा है कि क्या वह प्रस्ताव का विरोध कर भ्रष्ट व्यवस्था को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि, हाल ही में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने प्रस्ताव पर पुनर्विचार के लिए कहते हुए वापस इसे दिल्ली सरकार को भेज दिया और नागरिकों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार सहित कई ऐतराज जताए।
केजरीवाल ने पीटीआई (भाषा) से कहा कि, हम अगले कुछ दिनों में सभी आपत्तियों पर विस्तृत जवाब के साथ दरवाजे तक आपूर्ति सेवा का प्रस्ताव दोबारा उपराज्यपाल को भेजेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार उपराज्यपाल की आपत्तियों पर जवाब भेजने की तैयारी में है, साथ ही कहा कि प्रस्ताव दिल्लीवासियों के लिए अच्छा है।
इस प्रस्ताव के तहत सरकार ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित 40 सेवाएं नागरिकों को दरवाजे तक पहुंचाना चाहती है।
बता दें कि, कल ही दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए सरकार की उस योजना को हरी झंडी दिखा दे दी, जिसमें कहा गया है कि राजधानी में होने वाले सड़क हादसों, आग की घटनाओं और एसिड अटैक पीड़ितों का निजी अस्पताल में इलाज कराने का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।



















