जामिया विश्वविद्यालय ने सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले छात्रों को किया सम्मानित

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जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय(जेएमआई) ने आवासीय कोचिंग अकादमी (आरसीए) से प्रशिक्षित आईएएस और आईएफएस सहित अन्य परीक्षाओं में सफलता पाने वाले दर्जनों छात्रों सम्मानित किया। इस मौके पर मणिपुर की राज्यपाल और जामिया की कुलाधिपति नजमा हेपतुल्ला ने बुधवार(9 अगस्त) को सभी छात्रों का अभिनंदन किया। इस सफल छात्रों को बधाई देने के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। 

इस समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तलत अहमद ने की। साथ ही इस समारोह में प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर शाहिद अशरफ, रजिस्ट्रार श्री ए.पी. सिद्दीकी, वित्त अधिकारी श्री संजय कुमार सहित कई अन्य माननियों ने ने बड़ी संख्या में इस समारोह में भाग लिया।

आरसीए के प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रोफेसर तलत अहमद ने कहा कि अब मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय रेलवे, इंजीनियरिंग और न्यायिक सेवाओं के लिए भी कोचिंग व प्रशिक्षण देने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में आरसीए में SC/ST से 200 उम्मीदवारों और काउंटी भर में 10 केंद्रों में आयोजित एक प्रवेश द्वार के माध्यम से अकादमी में भर्ती सिविल सेवा परीक्षा के लिए महिला श्रेणियों को प्रशिक्षित करता है।

साथ ही प्रोफेसर अहमद ने कहा कि यह सुनिश्चित करना है कि आरसीए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार हैं, जिनकी प्रतिभा को चैनलित किया गया है और विभिन्न अखिल भारतीय परीक्षाओं में क्रैकिंग की ओर निर्देशित किया गया है।

प्रोफेसर अहमद ने कहा कि एक नया प्रवेश परीक्षा केन्द्र मणिपुर में स्थापित किया जाएगा, ताकि उत्तर पूर्व राज्यों के अधिक इच्छुकों को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय(जेएमआई) के आरसीए में नागरिक सेवा के लिए खुद को तैयार करने का अवसर मिल सके। वहीं, राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने सफल छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आरसीए शानदार काम कर रहा है। इसका स्तर और अधिक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

इसके लिए अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। हेपतुल्ला ने कहा कि यह सफलता साबित करता है कि जेएमआई एक अच्छा विश्वविद्यालय है। इस अवसर पर आईआईएस के लिए चुने गए आरिफ अहसान ने जेएमआई को अपनी सफलता का श्रेय दिया, जहां पर उन्होंने इंटरमीडिएट और बीटेक किया है।

कुलपति प्रो. तलत अहमद ने कहा कि अकादमी को अगले तीन वर्षो में यह लक्ष्य रखना चाहिए कि प्रशिक्षण पाने वाले सफल छात्रों की संख्या 29 से बढ़कर कम से कम 50 हो जाए। उन्होंने कहा कि आरसीए की पांच से दस प्रतिशत सीट जामिया के छात्रों के लिए भी आरक्षित करने पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन ऐसा धर्म या लिंग के आधार पर नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि आरसीए के लिए प्रवेश परीक्षा के जरिये देश भर से छात्रों का चयन किया जाता है। अहमद ने बताया कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने आरसीए के लिए एक महिला छात्रावास खोलने का आश्वासन दिया है। आरसीए को और मजबूत करने की बात भी कही गई है।

इस दिशा में हम छात्रों को यूरोपीय अध्ययन की शिक्षा भी प्रदान कर रहे हैं। हमारा मकसद है कि बच्चे दुनिया की बदलती परिस्थितयों और अनुभवों से खुद को जोड़ सके। उल्लेखनीय है कि अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय के रूप में संस्कृत को बढ़ावा देने की जामिया की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साथ ही तलत अहमद ने कहा कि जामिया ने छात्रों की कोचिंग के लिये विशेष व्यवस्था की है और इसके तहत 27 बच्चों को सरकारी नौकरी मिली है। पिछले तीन वर्षो में संस्थान की कोचिंग प्राप्त करने वाले 90 छात्रों को सरकारी नौकरी मिली है।

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