नीतीश के विरोध में अब खुलकर सामने आए शरद यादव, कहा- हमने 5 साल के लिए किया था गठबंधन, 11 करोड़ लोगों का टूटा विश्वास

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24 घंटे के अंदर महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल युनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव के बीच तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच खबर आ रही है कि जल्द ही शरद यादव को जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इस तनातनी के बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता अब खुलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में आ गए हैं।

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गुरुवार(10 अगस्त) को नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘गठबंधन हमने पांच साल के लिए किया था। 11 करोड़ लोगों का विश्वास टूटा है।’ नीतीश के बीजेपी के साथ गठबंधन के फैसले का खुलकर विरोध करते हुए कहा कि वह राज्य(बिहार) में यात्रा करके लोगों के बीच जाएंगे और उनसे बात करेंगे।

मीडिया से बातचीत में शरद ने कहा, ‘जिस जनता ने गठबंधन बनाया था, जिस जनता से हमने जो करार किया था, वो ईमान का करार था। वो टूटा है जिससे हमको तकलीफ हुई है।’ उन्होंने कहा कि, 70 साल के इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता, जहां दो पार्टी या गठबंधन जो चुनाव में आमने-सामने लड़े हों और जिनके मेनिफेस्टो अलग-अलग हों, दोनों के मेनिफस्टो मिल गए हों।

JDU से हो सकती है छुट्टी

इस बीच खबर आ रही है कि जल्द ही शरद यादव को जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू-बीजेपी गठबंधन से नाराज चल रहे शरद यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। खबरों के मुताबिक, यादव को जेडीयू से निलंबित किया जा सकता है। साथ ही राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से भी हटाया जा सकता है।

पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर राज्यसभा की सदस्यता भी जा सकती है। उनकी जगह किसी नए नेता का चुनाव हो सकता है। इस बीच जदयू के प्रधान सचिव के सी त्यागी ने गुरुवार(10 अगस्त) को शरद यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि गठबंधन तोड़ने का फैसला पूरी पार्टी ने एक साथ मिलकर किया है। उन्होंने कहा कि शरद यादव पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन 11 तक वह मर्यादा में रहें।

नीतीश को झेलनी पड़ी शर्मिंदगी

दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल युनाइटेड (जदयू) को मंगलवार(8 अगस्त) को हुए गुजरात राज्यसभा चुनाव में शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। पार्टी के फरमान के बावजूद पार्टी के एकमात्र विधायक छोटू वासव ने कांग्रेस उम्‍मीदवार अहमद पटेल को वोट किया। जबकि दिनभर जदयू महासचिव केसी त्यागी यह कहते रहे कि उनके विधायक ने बीजेपी को वोट दिया है।

अहमद पटेल को दी बधाई

जदयू से अलग रास्ता अख्तियार करते हुए शरद यादव ने गुजरात में राज्यसभा का महत्वपूर्ण चुनाव जीतने पर बुधवार(9 अगस्त) को अहमद पटेल को बधाई दी। शरद ने ट्वीट कर कड़ी बाधा के बावजूद राज्य सभा के चुनाव में जीत के लिए अहमद पटेल को हृदय से बधाई दी तथा उनकी सफलता की कामना की।

हालांकि, शरद ने ट्वीट संदेश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का नाम तो नहीं लिया है, लेकिन अपने साथ उनकी तस्वीर लगाई है। उनका यह संदेश ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण है जब जदयू ने बिहार में बीजेपी से हाथ मिला लिया है।

बिहार की जनता से करेंगे संवाद

इस बीच महागबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) को मिले जनादेश को लेकर जनता से सीधे संवाद के लिए आज(गुरुवार) से तीन दिवसीय दौरे पर बिहार जा रहे हैं। शरद ने अपने ट्विटर संदेश में आगामी 10 अगस्त से 12 अगस्त तक के सडक मार्ग से बिहार के विभिन्न जिलों के अपने इस दौरे के बारे में जानकारी दी है।

जनता के साथ संवाद का जिक्र करते हुए शरद यादव ने बताया है कि आगामी 10 अगस्त को पटना, सोनपुर और मुजफ्फरपुर की यात्रा करेंगे। अगले दिन मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी और अपनी यात्रा के अंतिम दिन मधुबनी, सुपौल, सहरसा व मधेपुरा की यात्रा करेंगे।

 

 

 

 

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