चुनाव आयोग का स्वास्थ्य मंत्रालय को आदेश- चुनावी राज्यों में कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट से हटाएं पीएम मोदी की तस्वीर

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तृणमूल कांग्रेस की शिकायत पर चुनाव आयोग ने कथित तौर पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय से कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो हटाने का आदेश दिया है। बता दें कि, टीएमसी ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी कि वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर का होना आचार संहिता का उल्लंघन है।

चुनाव आयोग

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने सरकारी योजनाओं से जुड़े इन विज्ञापनों को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि पीएम मोदी की तस्वीर को उन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों से हटा दिया जाए, जहां आने वाले कुछ हफ्तों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

चुनाव आयोग ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें होना चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन हैं। चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि वह चुनावी नियमों का अक्षरश: पालन करे। ख़बरों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में चुनाव आयोग ने आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का हवाला दिया है जो सरकारी खर्च पर विज्ञापन पर पांबदी लगाते हैं।

बता दें कि, इससे पहले चुनाव आयोग ने बुधवार शाम को जारी आदेश में कहा था कि पेट्रोल-पंपों पर लगे पीएम मोदी की तस्वीर वाले ये विज्ञापन आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, इसलिए इन्हें 72 घंटे के अंदर हटाया जाए।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयोग को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और अन्य चुनावी राज्यों में को-विन प्लेटफॉर्म के जरिए प्राप्त किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर होना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। पार्टी ने तस्वीर को प्रधानमंत्री द्वारा अधिकार का दुरुपयोग करार दिया है।

गौरतलब है कि, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद 26 फरवरी से आदर्श आचार संहिता प्रभावी है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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