अब पूर्व RBI गवर्नर के निशाने पर आई मोदी सरकार, कहा- गठबंधन सरकारों ने दी सबसे अधिक आर्थिक वृद्धि

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भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बाद अब मोदी सरकार पूर्व RBI गवर्नर के निशाने पर भी आ गई है। बिना नाम लिए भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर यज्ञ वेणुगोपाल रेड्डी ने देश की आर्थिक वृद्धि के लिए इशारों-इशारों में मोदी सरकार पर हमला बोला है। वेणुगोपाल रेड्डी ने देश की आर्थिक वृद्धि के लिए गठबंधन सरकारों को बेहतर बताया क्योंकि पिछले तीन दशक में इन्होंने बहुमत की सरकारों की अपेक्षा भारत को बेहतर आर्थिक वृद्धि दी है।

गवर्नर
file photo

न्यूज़ एंजेसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, रेड्डी ने एक कार्यक्रम में कहा कि यह रोचक बात है कि भारत में सबसे अधिक आर्थिक वृद्धि 1990 से 2014 के बीच गठबंधन सरकारों के दौरान ही रही। एक तरह से देखा जाए तो आम सहमति के आधार पर भारतीय परिस्थितियों में एक गठबंधन सरकार किसी मजबूत (पूर्ण बहुमत) वाली सरकार की अपेक्षा बेहतर आर्थिक परिणाम देती है।

वर्ष 1991 में भारत के भुगतान संकट का उल्लेख करते हुए रेड्डी ने कहा, उस दौर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अस्थिर राजनीतिक हालातों के बावजूद उन्होंने, जो कदम उठाए जाने की जरुरत थी उनके लिए एक आम राजनीतिक सहमति बनायी और इसका सफलतापूर्वक प्रबंधन किया। वह यहां अमेरिका के प्रमुख थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट में बोल रहे थे।

बता दें कि, रेड्डी वर्ष 2003 से 2008 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 का विश्व आर्थिक संकट अभी तक टला नहीं है। रेड्डी ने कहा, लघु अवधि में निश्चित तौर पर स्थिति बेहतर हुई है लेकिन मध्यम अवधि में अभी भी प्रश्नचिन्ह लगे हुए हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि वह अगले 10 साल में भू-राजनैतिक परिस्थितयों में महत्वपूर्ण बदलाव देखते हैं। पूंजी के वैश्वीकरण की वर्तमान प्रक्रिया में कई सरकारों का मानना है कि लोगों की उम्मीदों के अनुरूप नीतियां बनाने की उनकी क्षमता पर वैश्वीकरण ने अंकुश लगाया है।

रेड्डी ने कहा, अब हम वैश्विक और राष्ट्रीय, राज्य और बाजार, वित्त और गैर-वित्त के बीच नए संतुलन की खोज में हैं। यह खोज जारी है। उन्होंने कहा कि अगले 10-15 साल में होने वाले जनांकिकीय और तकनीकी परिवर्तन पर्यावरण मुद्दों के लिए भी चिंता का विषय है और यह तीन विषय वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं।

एक सवाल के जवाब में पूर्व गवर्नर ने कहा कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता एक अच्छा कदम है और सभी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं।

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