तबरेज अंसारी और ध्रुव त्यागी हत्याकांड की तुलना कर लोगों के निशाने पर आईं आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा किए हत्याकांड मामले में अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। तबरेज अंसारी (22) की 17 जून को बाइक चोरी करने के संदेह में जिले के धतकीडीह गांव में भीड़ द्वारा बर्बरतापूर्वक पिटाई करने के कुछ दिनों बाद 22 जून को एक अस्पताल में मौत हो गई।

अंजना ओम कश्यप

यह मामला एक वीडियो के वायरल होने के बाद प्रकाश में आया। इस वीडियो में भीड़ अंसारी को पीटते हुए दिखाई दे रही है। घटना से जुड़े वायरल वीडियो में अंसारी को जबरन ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे लगाने को मजबूर करते दिखाया गया था। ग्रामीण अंसारी को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीट रहे हैं। इसके साथ ही जबरन उससे ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे लगवाए गए। उसके बाद उसे बेहोशी हालत में ही पुलिस को सौंप दिया गया, पुलिस हिरासत में चार दिन बाद उसकी मौत हो गई।

अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने सरायकेला पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि अंसारी बाइक से जमशेदपुर से वापस आ रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। उन्हें पेड़ से बांधकर बेरहमी से पिटाई की और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया। इस मामले को लेकर देश भर में भारी आक्रोश है।

सड़क से लेकर संसद तक हंगामा मचने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि इससे उन्हें पीड़ा पहुंची है तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने झारखंड को भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग और मॉब वायलेंस) का अड्डा बताने और एक घटना की वजह से पूरे राज्य के नागरिकों को कटघरे में खड़ा करने को अनुचित बताया।

तबरेज हत्याकांड को धार्मिक रंग देने की कोशिश

इस बीच दक्षिणपंथी समर्थक कुछ पत्रकारों द्वारा तबरेज अंसारी हत्याकांड को धार्मिक रंग देने की कोशिश शुरू हो गई है।समाचार चैनल आजतक की मशहूर एंकर और कार्यकारी संपादक अंजना ओम कश्यप का एक ट्वीट काफी वायरल हो रहा है। अंजना ने अपने ट्वीट में जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची से सामूहिक बलात्कार व हत्याकांड, अलीगढ़ जिले में ढाई साल की मासूम बच्‍ची की निर्मम हत्‍या, राजधानी दिल्ली में हुए ध्रुव त्यागी हत्याकांड और भीड़ द्वारा की गई तबरेज अंसारी की हत्या का जिक्र किया है।

आजतक की एंकर ने अपने ट्वीट में दो हिंदू युवक और दो मुस्लिम बच्चियों की हत्याकांड का जिक्र कर अपराध को संप्रदाय के नजरिए से देखने वालों के प्रति निराशा व्यक्त की हैं। उन्होंने सभी पर अपराध को संप्रदाय के रंग में रंगने का आरोप लगाया है। हालांकि, कई यूजर्स अंजना पर ही चारों की हुई निर्मम हत्याकांड को धार्मिक नजरिए से देखने का आरोप लगाए हैं। अंजना ने मंगलवार को अपने ट्वीट में लिखा, “आसिफा और ट्विंकल, ध्रुव त्यागी और तबरेज़ अंसारी, गवाह हैं हमारे दोहरेपन का! सबने अपराध को संप्रदाय के रंग में मथ दिया!”

टीवी एंकर साक्षी जोशी ने अंजना को पलटवार करते हुए लिखा है, “आसिफा की बात करते हुए ट्विंकल को लाने वाले, ट्विंकल की बात करते हुए आसिफा को लाने वाले, तबरेज और ध्रुव के साथ हुए अत्याचार को एक ट्वीट में तुलनात्मक बनाने वाले ही सबसे दोहरे चरित्र के लोग हैं। सब पर बोलिए, एक दूसरे से तुलना करना बंंद कीजिए।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “बस्ती जला कर जालिम बोला, ये राख क्यों पड़ी है? ”

बता दें कि अंजना पिछले दिनों बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार की वजह से करीब 150 से अधिक बच्चों की मौत के बीच मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल के आईसीयू के अंदर से लाइव रिपोर्टिंग कर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आई थीं। अंजना पर मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में भर्ती बच्चों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर को कथित तौर पर परेशान करने और अपमानित करने के आरोप लगाया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद कई दिनों तक वह ट्विटर पर ट्रेंड करती रहीं।

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

गौततलब है कि इसी साल मई महीने की शुरूआत में राजधानी दिल्ली के मोती नगर के बसई दारापुर इलाके में ध्रुव त्यागी नाम के शख्स को अपनी बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुछ लोगों ने चाकुओं से गोद कर मार डाला था। इस घटना में अपने पिता को बचाने आया 19 साल का ध्रुव का बेटा अनमोल गंभीर रूप से घायल हो गया था। हमले का आरोप जहांगीर नाम के शख्स और उनके बेटों पर लगा था।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना इलाके में खानाबदोश समुदाय की आठ साल की एक बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के सनसनीखेज मामले में तीन मुख्य आरोपियों को इसी महीने पठानकोट की एक विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए तीन अन्य को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई गई। करीब 17 महीने पहले हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

इसके अलावा हाल ही में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची की गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के बूढ़ा गांव में बच्ची का अपहरण कर लिया गया था और उसका शव तीन दिन बाद मिला। आपसी रंजिश में इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। बच्ची के पिता की शिकायत पर पुलिस ने जाहिद और असलम नामक व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों पर NSA के तहत कार्यवाही की जा रही है।

 

 

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