झारखंड मॉब लिंचिंगः तबरेज अंसारी के परिवार की मदद के लिए आगे आया दिल्ली वक्फ बोर्ड, पत्नी को नौकरी और 5 लाख रुपए देने का ऐलान

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झारखंड में चोरी के शक में पीट-पीटकर मार डाले गए तबरेज अंसारी के परिवार की मदद के लिए दिल्ली वक्फ बोर्ड आगे आगे आया है। बोर्ड ने पीड़ित परिवार को मदद के तौर पर 5 लाख रुपये देने के साथ तबरेज की पत्नी शाइस्ता परवीन को नौकरी देने का भी वादा किया है। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान ने गुरुवार को कहा कि पैनल ने तबरेज की पत्नी को 5 लाख रुपये और नौकरी भी दी जाएगी। साथ ही उनकी पत्नी को कानूनी मदद भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

बता दें कि इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) व वाम पार्टियों ने बुधवार को राज्यपाल के आवास पर धरना दिया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद कमाल खान ने मंगलवार को गांव का दौरा किया।

तबरेज अंसारी (22) की 17 जून को बाइक चोरी करने के संदेह में सेराईकेला जिले के धतकीडीह गांव में भीड़ द्वारा बर्बरतापूर्वक पिटाई करने के कुछ दिनों बाद 22 जून को एक अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उसके पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल और कुछ अन्य चीजें बरामद की गई हैं। यह मामला एक वीडियो के वायरल होने के बाद प्रकाश में आया। इस वीडियो में आरोपी, अंसारी को पीटते हुए दिख रहे हैं।

वायरल वीडियो में ग्रामीण पेड़ से बंधे अंसारी को बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे थे। साथ ही वीडियो में तबरेज से जबरन जय श्रीराम कहलवाने की कोशिश की जा रही है। तबरेज को एक पोल से बांधा गया और फिर उसे बुरी तरह से पीटा गया। इसके साथ ही जबरन उससे ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे लगवाए गए। उसके बेहोशी हालत में ही उसे पुलिस को सौंप दिया गया, पुलिस हिरासत में चार दिन बाद उसकी मौत हो गई।

तबरेज अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने सेराईकेला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कारई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जमशेदपुर से बाइक से लौटने के दौरान तबरेज को कुछ लोगों ने पकड़ लिया। तबरेज को पेड़ से बाधा गया और निदर्यतापूर्वक पीटा गया और ‘जय श्रीराम’ बोलने के लिए मजबूर किया गया।

इस मामले में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे उन्हें पीड़ा पहुंची है तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने झारखंड को भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग और मॉब वायलेंस) का अड्डा बताने और एक घटना की वजह से पूरे राज्य के नागरिकों को कटघरे में खड़ा करने को अनुचित बताया।

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