गोरक्षकों की हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट हुआ शख्त, कहा- पीड़ितों को मिले मुआवजा

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देशभर में गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार(22 सितंबर) को इस मामले पर सुनवाई करते हुए सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने इसके लिए राज्यों को 31 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई तक का समय दिया है।

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समाचार एंजेसी ANI के मुताबिक, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक और उत्‍त्तर प्रदेश ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट दे दी है। कोर्ट ने बाकी राज्यों को रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि गौरक्षकों द्वारा की गई किसी भी तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि वो किसी भी व्यक्ति या समूह को इजाजत नहीं दे सकता है जो गौरक्षा के नाम पर लोगों के साथ मारपीट करें।

ख़बरों के मुताबिक, पहलू खान की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की भी जरूरत है। सभी राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे गोरक्षा के नाम पर हुई हिंसा के पीड़ितों को मुआवाजा दें।

बता दें कि इस साल अप्रैल में कथित गोरक्षकों ने पहलू खान की पीटकर हत्या कर दी थी। पहलू अपने बेटों के साथ मवेशियों को हरियाणा के नूह से राजस्थान के जयपुर ले जा रहे थे। बता दें कि, गौरक्षकों के हाथों हो रही हिंसा पर नियंत्रण न लगने की वजह से सुप्रीम कोर्ट पहले भी नाराजगी जता चुका है।

इससे पहले बुधवार(6 सितंबर) को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसक घटनाओं की रोकथाम और इनसे प्रभावी तरीके से निबटने के लिये प्रत्येक जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी, कि उनके जिले में गौरक्षक समूह गायों की रक्षा के नाम पर कानून को अपने हाथों में न लें।

गाय के नाम पर हिंसा की कुछ बड़ी वारदातें

  • 22 जून को बल्लभगढ़ में ट्रेन से सफर कर रहे जुनैद नामक युवक की कथित तौर पर बीफ को लेकर हुए विवाद में हत्या कर दी गई। जबकि उसके दो भाइयों को घायल कर दिया गया।
  • 30 अप्रैल को असम के नागौन जिले के पास गाय चोरी के आरोप में दो मुस्लिमों की हत्या कर दी गई।
  • 1 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में 50 वर्षीय पहलू खान की गोतस्करी के आरोप में स्वयंभू गोरक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
  • 29 जून को प्रतिबंधित मांस ले जाने के आरोप में झारखंड में एक युवक को बेकाबू भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला।भीड़ ने सुबह साढ़े नौ बजे मनुआ-फुलसराय निवासी अलीमुद्दीन अंसारी को इतना पीटा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
  • 26 जुलाई 2016 को मंदसौर स्टेशन पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बीफ ले जाने के शक में दो मुस्लिम महिलाओं की बर्बर तरीके से पिटाई की थी।

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