गोरक्षकों की हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हर जिले में नोडल अफसर तैनात करने के दिए निर्देश

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देशभर में गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार(6 सितंबर) को राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसक घटनाओं की रोकथाम और इनसे प्रभावी तरीके से निबटने के लिये प्रत्येक जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये।

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प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अमिताव राय और न्यायमूर्त ए. एम. खानविलकर की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने राज्यों के मुख्य सचिवों को गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा की घटनाओं की रोकथाम के लिये की गयी कार्रवाई के विवरण के साथ स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया।

पीठ ने केन्द्र से कहा कि वह इस तर्क पर जवाब दाखिल करे कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 256 के अंतर्गत सभी राज्यों को कानून व्यवस्था से संबंधित मुद्दे पर निर्देश जारी कर सकती है। शीर्ष अदालत महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

इस याचिका में गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा पर अंकुश पाने के उपाय करने का सभी राज्य सरकारों को निर्देश देने सहित कई राहतें प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। तुषार गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने गौमांस रखने या इसका सेवन करने, या इसे ले जाने के नाम पर हिंसक भीड़ द्वारा लोगों को पीट पीट कर मार डालने की घटनाओं की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षति किया।

उन्होंने सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार द्वारा पहले दिये गये उस वक्तव्य का भी जिक्र किया कि केन्द्र सरकार लोगों द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की घटनाओं का समर्थन नहीं करती है। गांधी के अलावा कांग्रेस के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने भी इसी मुद्दे पर एक याचिका दायर कर रखी है।

गाय के नाम पर हिंसा की कुछ बड़ी वारदातें

  • 22 जून को बल्लभगढ़ में ट्रेन से सफर कर रहे जुनैद नामक युवक की कथित तौर पर बीफ को लेकर हुए विवाद में हत्या कर दी गई। जबकि उसके दो भाइयों को घायल कर दिया गया।
  • 30 अप्रैल को असम के नागौन जिले के पास गाय चोरी के आरोप में दो मुस्लिमों की हत्या कर दी गई।
  • 1 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में 50 वर्षीय पहलू खान की गोतस्करी के आरोप में स्वयंभू गोरक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
  • 29 जून को प्रतिबंधित मांस ले जाने के आरोप में झारखंड में एक युवक को बेकाबू भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला।भीड़ ने सुबह साढ़े नौ बजे मनुआ-फुलसराय निवासी अलीमुद्दीन अंसारी को इतना पीटा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
  • 26 जुलाई 2016 को मंदसौर स्टेशन पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बीफ ले जाने के शक में दो मुस्लिम महिलाओं की बर्बर तरीके से पिटाई की थी।

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