अभी दो दिन पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके और प्रसिद्ध पत्रकार अरुण शौरी ने सभी को चेतावनी दी थी कि दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का सामना करते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। दरअसल, 5 जून को वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज चैनल NDTV के सह-संस्थापक और कार्यकारी सह-अध्यक्ष प्रणय रॉय के आवास और कार्यालयों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छापेमारी की।इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रणय रॉय के खिलाफ तरह-तरह के अफवाह फैलाना शुरु हो गया है, इसी को लेकर शौरी ने लोगों को आगाह किया था। इस बीच ट्विटर अकाऊंट, @sgurumurthy (जिन्होंने एनडीटीवी के खिलाफ अभियान चलाकर ख्याति अर्जित की) ने ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान द्वारा दिया गया एक कथित संदेश का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया है।
ग्राफिक (नीचे देखें) में पोस्टकार्ड समाचार का लोगो है, जो कि भारत में हिंदुवादी संगठनों की विचारधारा के पक्ष में झूठ बोलने के लिए कुख्यात रहा है। गुरुमूर्ति के अनुसार, पोस्टकार्ड की खबर के मुताबिक, रहमान ने कथित तौर पर कहा है कि गायों की हत्या ‘अरबों हिंदुओं की भावनाओं को चोट पहुंचाती है,’ हमें इसे रोकना होगा।
रहमान के हवाले से कहा गया है कि “मैं बीफ़ नहीं खाता हूं। मेरी मां हिंदू है। मैं अपनी मां को धार्मिक उत्सवों के दौरान गायों की पूजा करते हुए देखता था। मैंने सूफीवाद के मार्ग को चुना, लेकिन मैं अभी भी गाय को जीवन का पवित्र प्रतीक मानता हूं। गायों को मारने से अरबों हिंदुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं, इसलिए हमें इसे रोकना होगा। मवेशी वध को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए प्रयासों का मैं स्वागत करता हूं।”
— S Gurumurthy (@sgurumurthy) June 10, 2017
बता दें कि कुछ समय पहले ही गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई द्वारा दी गई एक टिप्पणी को लेकर फैलाए जा रहे थे झूठ को जनता का रिपोर्टर ने उजागर किया है, जिसे तमिलनाडु में एक वरिष्ठ भाजपा ने गूगल के सीईओ के बयान को फोटोशॉप के जरिए छेड़छाड़ कर शेयर किया जा रहा था।
दरअसल, कुछ ऐसा ही मामला रहमान के साथ हो रहा है। क्योंकि रहमान ने कभी भी ऐसा बयान दिया ही नहीं। ऐसा प्रतीत होता है कि पोस्टकार्ड खबर ने नासिरिन मुन्नी कबीर द्वारा लिखा गया किताब एआर रहमान दी स्पीयर ऑफ़ म्यूजिक के लिए दिया दिए गए रहमान के इंटरव्यू को छेड़छाड़ कर शेयर किया जा रहा है।
इंटरव्यू के दौरान कबीर ने रहमान से पूछा कि क्या उनकी मां एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, जब उन्हें और उनके परिवार को कठिन समय का सामना करना पड़ रहा था, तो आध्यात्मिकता से उनकी मदद की जा सकती है?
इस सवाल के जवाब में रहमान ने कहा था कि, हां बिल्कुल। मेरी मां एक हिंदू थी, मेरी मां हमेशा आध्यात्मिक रूप से इच्छुक थीं। हमारे पास हबीबुल्ला रोड घर की दीवारों पर हिंदू धार्मिक चित्र थे, जहां हम बड़े हुए। वहां मदर मैरी की भी एक तस्वीर थी, जिसमें उसने अपनी बाहों में यीशु को पकड़ लिया था, साथ ही मक्का और मदीना की पवित्र स्थलों की भी एक तस्वीर थी।
इस किताब को दिए गए इंटरव्यूज में रहमान के बयान को एक बार फिर तोड़ मरोड़कर वेबसाइट द्वारा प्रकाशित किया गया है। हालांकि, गुरुमूर्ति के इस ट्वीट के जाल में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण भी फंस गईं और बाद में उन्हें सफाई देनी पड़ी।
केंद्रीय मंत्री ने अपनी गलती को जल्दी से समझ लिया और घोषणा की कि उन्होंने रिट्वीट को रद्द करने का फैसला किया है, क्योंकि यह असत्यापित जानकारी है।
. @sgurumurthy, FYI : I am undoing my RT as this seems unverified information. Sorry about any confusion.
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) June 10, 2017
बता दें कि अपने सुरों से दुनियाभर के लोगों को सुकून देने वाले संगीतकार एआर रहमान दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित ऑस्कर अवॉर्ड जीत चुके हैं और भारतीय संगीत को अंतराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिला चुके हैं। तमिलनाडु के रहने वाले रहमान का जन्म के समय हिंदू थे, लेकिन उन्होंने बाद में इस्लाम कबूल कर लिया।