राहुल गांधी का पीएम पर पलटवार, कहा- मैं नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं पाकिस्तान के ‘पोस्टर ब्वॉय’

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बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में आतंकवादियों को हुए नुकसान के साक्ष्य की मांग करने वाले नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पकिस्तान का ‘पोस्टर ब्वॉय’ कहे जाने पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (7 मार्च) को कहा कि ‘पठानकोट आतंकवादी हमले की जांच के लिए आईएसआई को बुलाने वाले मोदी पाकिस्तान के पोस्टर ब्वॉय हैं।’

@INCIndia

एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान गुुरवार को राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस के कुछ लोगों ने चर्चा की है, उसमें मैं नहीं जाना चाहता, लेकिन पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जो जवान शहीद हुए हैं उनके परिवार वालों ने एक मांग उठाई है। उनकी भावना है कि हमें दुख पहुंचा है तो हमें दिखाइए कि क्या हुआ।’’

इस दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया, ‘प्रधानमंत्री ने पठानकोट हमले के बाद जांच के लिए आईएसआई को बुलाया। वह नवाज शरीफ के यहां शादी में गए। वह नवाज शरीफ के गले मिलते हैं। नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण में बुलाते हैं। ड्रामा करते हैं। तो क्या हम पोस्टर ब्वॉय हैं? प्रधानमंत्री पाकिस्तान के पोस्टर ब्वॉय हैं।’

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस के कुछ नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा था कि कुछ विपक्षी नेता पड़ोसी देश के “पोस्टर ब्वॉय” बन गए हैं और भारत के पराक्रमी सैनिकों के सामर्थ्य पर सियासी स्वार्थ के चक्कर में सवाल उठा रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तान की सरजमीं पर हुए भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर भारत में सरकार और विपक्ष आमने-सामने है। कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं द्वारा बालाकोट एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे जाने से तीलमिलाई बीजेपी विपक्षी दलों पर लगातार हमलावर है। लेकिन अब इस मुद्दे पर बीजेपी और मोदी सरकार की की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

दरअसल, अब पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के परिजनों ने भी आतंवादियों के मारे जाने के सबूत की मांग कर दी है। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के दो परिवारों ने पिछले महीने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले में आतंकवादियों के मारे जाने के सरकार के दावे पर सवाल खड़े किए हैं।

भारतीय वायुसेना द्वारा 26 फरवरी को किए गए एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा खड़े किए गए सवालों का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश के शामली और मैनपुरी के दोनों परिवारों ने सरकार से कहा है कि हमले में मारे गए आतंकवादियों के शवों को सबूत के रूप में दिखाए और हमले के प्रभाव की पुष्टि करे।

 

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