महाराष्ट्र सरकार की ओर से रविवार(11 जून) को किसानों की कर्ज माफी का एलान कर दिया और इसके लिए मानदंड तय करने हेतु एक समिति गठित करने की घोषणा होने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। राजस्व मंत्री चन्द्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार ने सैद्धांतिक रूप से कुछ शर्तों के साथ किसानोंं का कर्ज माफ करने का फैसला किया है।
फाइल फोटो।साथ ही सरकार ने एलान किया कि सीमांत और मझोले किसानोंं का सारा कर्ज आज(11 जून) से माफ किया जाता है।सरकार के इस फैसले के बाद किसान संगठनों ने सोमवार को आयोजित किया जाने वाला प्रदर्शन रद्द कर दिया है। उम्मीद है कि अब किसानों का आंदोलन समाप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष पाटिल ने किसान नेताओं से चर्चा के बाद संवाददाताओंं से बातचीत कर रहे थे। फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। इसकी शर्तें और अन्य बातें संयुक्त समिति की बैठक में तय होंगी।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, महाराष्ट्र सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता में सहमति बन गयी है और किसानों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया है। उन्होंने लिखा, सरकर ने दूध के मूल्य में वृद्धि की किसानों की मांग भी मान ली है।
उन्होंने कहा कि दुग्ध सोसायटीज को चीनी उद्योग की तरह 70:30 के अनुपात पर लाभ साझा करने पर राजी होना होगा। किसानों के एक नेता ने कहा कि इस कदम से पांच एकड़ से कम कृषि भूमि के मालिक राज्य के 1.07 करोड़ किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सीमांत और मझोले किसानों पर 30,000 करोड़ रूपये का कर्ज है।