गुजरात के पाटीदार अनामत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को बुधवार (25 जुलाई) को बड़ा झटका लगा। वर्ष 2015 में पाटीदार अनामत आंदोलन के दौरान विसनगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर में तोड़फोड़ करने के मामले में राज्य की एक अदालत ने हार्दिक पटेल को दोषी करार दिया है। मेहसाणा की विसनगर कोर्ट ने हार्दिक पटेल को दोषी ठहराते हुए 2 साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन्हें 50 हजार रुपये मुआवजा भी देना होगा।
कोर्ट ने 17 आरोपियों में से 3 लोगों को दोषी ठहराया है, वहीं 14 लोगों को बरी कर दिया है। बता दें कि 2015 में बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर पर हमला हुआ था। करीब 3000 से 5000 की संख्या में भीड़ ने बीजेपी विधायक के दफ्तर पर हमला बोला था।
Hardik Patel, Lalji Patel and AK Patel have been awarded 2 years imprisonment and a penalty of Rs 50,000 each in a case related to vandalising BJP legislator Rushikesh Patel’s office in Visnagar during 2015 Patidar protests. https://t.co/M2a7mIgaEJ
— ANI (@ANI) July 25, 2018
मेहसाणा के विसनगर में 23 जुलाई 2015 बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तार में तोड़फोड़ किया गया था। इससे पहले मेहसाणा की जिला अदालत ने 2015 में पटेल के दफ्तर पर हुए हमले के मामले में हार्दिक पटेल, एके पटेल और लालजी पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था। अब कोर्ट ने हार्दिक पटेल, एके पटेल और लालजी पटेल को दोषी ठहराया है।
फैसला आते ही पटेल के वकील ने अदालत के सामने जमानत की अर्जी लगा दी है। तीन साल से कम जेल की सजा पर तत्काल जमानत मिल सकती है। अदालत ने इस मामले में 14 आरोपियों को बरी कर दिया है। मेहसाणा में कोटा की मांग को लेकर हिंसा भड़काने के आरोप में हार्दिक पटेल को अक्टूबर 2015 में गिरफ्तार किया गया था।