मशहूर फिल्म ‘पाकीजा’ में अहम भूमिका में नजर आ चुकीं मशहूर अभिनेत्री गीता कपूर को मुंबई के अस्पताल से अब वृद्धाश्रम भेजा जा रहा है। बता दें कि कथित तौर पर गीता के बेटे ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाकर पैसे देने की डर से छोड़कर भाग गया था। गीता कपूर के इलाज का भुगतान करने वाले फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कहा कि गीता जी को एक प्रतिष्ठित वृद्धाश्रम भेजा गया है। उन्होंने कहा कि एक बेटे द्वारा मां को छोड़ देना सबसे बड़ा अपराध है।बता दें कि बॉलिवुड से मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह खबर कुछ दिन पहले ही सामने आई थी। खबरों के मुताबिक मशहूर अभिनेत्री गीता कपूर को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती करवा कर उनका बेटा पैसे देने के डर से वहां से फरार हो गया। जिसके बाद वह पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थीं जिसके बाद उनकी मदद के लिए अशोक पंडित सहित कई अन्य लोग आगे आए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अप्रैल को बीते जमाने की मशहूर कोरियोग्राफर गीता को ब्लड प्रेशर की शिकायत पर उनके बेटे राजा ने उन्हें मुंबई के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया था। लेकिन जब अस्पताल में राजा से पैसे जमा करने के लिए कहा गया तो वह एटीएम से पैसे निकालने का बहाना बनाकर वहां से फरार हो गया। वह अभी तक अपनी की खबर लेने भी नहीं आया है।
फोटो: India.comहालांकि, गीता की बिगड़ती हालत को देखकर अस्पताल ने उनका इलाज जारी रखा। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन ने गीता के बेटे राजा और बेटी पूजा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजा एक कोरियोग्राफर है और पूजा एयर होस्टेस हैं, जो शादी के बाद पुणे शिफ्ट हो गई हैं।
Shifting Geetaji to a very dignified old age home A mother being abandoned by son is the biggest crime :Ashoke Pandit,filmmaker pic.twitter.com/7ERKV4UqNj
— ANI (@ANI) June 1, 2017
हालांकि, यह खबर सुनने के बाद फिल्ममेकर अशोक पंडित और प्रोड्यूसर रमेश तोरानी गीता की मदद के लिए आगे आए और उन्होंने अस्पताल का 1.5 लाख रुपये का बिल चुकाया। अशोक पंडित ने कहा कि उनमें(गीता) मुझे अपनी मां नजर आई थीं, इसलिए मैंने उनकी मदद की। गीता ने अंग्रेजी अखबार डीएनए से बातचीत में ये खुलासा किया कि ये मामला कोई अपवाद नहीं है।
गीता ने यह भी बताया कि उनका बेटा उन्हें चार दिन में एक बार खाना दिया करता था। उन्होंने आगे बताया कि जब वे किसी वृद्धाश्रम में जाने को तैयार नहीं हुईं तब राजा ने उन्हें यहां भर्ती करवाने की साजिश रची और फरार हो गया। उस वक्त अशोक पंडित ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बताया था कि वो गीता को वृद्ध आश्रम में रखना चाहते हैं, जिससे उनकी वहां अच्छे से देखभाल की जा सके।