उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ लगातर बढ़ते अपराध रुकने का नाम ही नहीं ले रही है, जिसका ताजा मामला एक बार फिर से देखने को मिला हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ में थाना सरधना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में ट्यूशन से लौट रही कक्षा 10वीं की छात्रा को गांव के ही चार युवकों ने कथित तौर पर अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद से आहत छात्रा ने घर पहुंचकर कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि गुरुवार को हुई इस घटना में चार युवक शामिल थे। उन्होंने बताया कि घर से छात्रा का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें छात्रा द्वारा लखन पुत्र संजय के अलावा विकास पुत्र बलवंत उर्फ मुरली का जिक्र किया गया है। कुमार ने बताया कि इसके आधार पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है और दो अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
उधर, सरधना पुलिस ने छात्रा के परिजनों की तहरीर के आधार बताया कि किशोरी 10वीं की छात्रा थी और गुरुवार को घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। पुलिस के अनुसार ट्यूशन से लौटते समय छात्रा को कपसाड़ गांव निवासी चार युवकों ने अगवा कर लिया और टावर के पास मकान में बंधक बना सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस ने बताया कि छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। बाद में आहत छात्रा ने घर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसे शाम करीब छह बजे मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मामले में जांच जारी है और शेष अभियुक्तों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लाख दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत इससे काफी दूर है। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है। राज्य से रोज मासूम बच्चियों और महिलाएं से रेप व छेड़छाड़ की कोई न कोई घटनाएं सामने आती ही रहती है, जो चीख-चीखकर बता रही हैं कि यूपी में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं है।