केरल में तेज बारिश और बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचा रखी है। कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वहां हालात बेहद खराब हो गए हैं। भारी बारिश और बाढ़ के चलते अब तक 370 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे राज्य से बाढ़ की खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। एनडीआरएफ के अलावा, सेना की तीनों फोर्सेज राहत-बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।
© Gettyइस मुश्किल समय में भारत सहित दुनिया भर के लोग केरल के लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। केंद्र समेत तमाम राज्य सरकारें और सामाजिक संगठन मदद के लिए सामने आ रहे हैं। वहीं, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ से जूझ रहे केरल का शनिवार(18 अगस्त) को दौरा किया था।
दौरा करने के बाद पीएम मोदी ने राहत पैकेज के रूप में 500 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। इससे पहले केंद्र सरकार ने केरल के लिए 100 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की थी। केरल सरकार ने केंद सरकार से राज्य में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की मांग की थी।
पीएम मोदी के इस ऐलान पर मशहूर लेखिका शोभा डे तंज कसते हुए कहा कि केरल से ज्यादा भाग्यशाली तो रवांडा है। दरअसल, लेखिका शोभा डे ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘रवांडा तो केरल से ज्यादा भाग्यशाली है। हमारे पीएम दूसरे देशों को फंड देने के मामले में ज्यादा उदार हैं।’
Rwanda is luckier than Kerala. Our P.M. has been far more generous with funds to a foreign country!
— Shobhaa De (@DeShobhaa) August 18, 2018
हालांकि शोभा डे के इस ट्वीट पर मोदी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने शोभा डे को लताड़ लगाई है और उनको इस बात के लिए काफी खरी-खोटी सुना रहें है।
बता दें कि अभी हाल ही में पीएम मोदी रवांडा की यात्रा पर गए थे। उस वक्त उन्होंने रवांडा की राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना ‘गिरींका’ (प्रति परिवार एक गाय) के तहत एक गांव को 200 गाय भेंट की थी, जिन्हें रवांडा से ही खरीदा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा पीएम मोदी ने रवांडा के लिए 20 करोड़ डॉलर के कर्ज की भी पेशकश की थी।
बता दें कि केरल सदी की सबसे भयंकर त्रासदी से गुजर रहा है जहां बारिश और बाढ़ के कारण राज्य में करीब 370 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस त्रासदी के कारण 8 लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। केरल की मदद को केंद्र सरकार से लेकर तमाम दूसरे राज्य के लोग आगे आए हैं।
सेना, नेवी, एयरफोर्स, NDRF,ITBP सभी राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं। बाढ़ की इस विभीषिका में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बाढ़ पीड़ितों के लिए किसी देवदूत से कम नहीं हैं। राहत कर्मी खुद की जान जोखिम में डालकर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं।