FTII के नए चेयरमैन बनने पर शोभा डे ने अनुपम खेर पर ली चुटकी, कहा- मिल ही गया ‘चमचागिरी’ का फल

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के समर्थन में हमेशा खड़े दिखाई देने वाले अभिनेता अनुपम खेर को फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (FTII) का नया चेयरमैन बनाया गया है, वो गजेंद्र चौहान की जगह लेंगे।

अनुपम खेर

बता दें कि, गजेंद्र को 2015 में FTII का चेयरमैन बनाया गया था, जिसका जबरदस्त विरोध हुआ था। करीब 139 दिनों तक छात्रों ने हड़ताल की थी, जिनमें से कुछ ने अनशन भी किया था। छात्रों ने उस समय पुणे से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक विरोध प्रदर्शन किया था लेकिन सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया था। इतना ही नहीं फिल्म जगत के लोगों ने भी गजेंद्र की योग्यता को लेकर सवाल उठाया था।

अनुपम खेर के FTII का चेयरमैन बनाए जाने पर सोशल मीडिया पर काफी अजीब प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रहीं हैं, लोगों ने इस नियुक्ति को बीजेपी से जोड़ दिया है। काफी लोगों ने लिखा है कि अनुपम खेर को ये पोस्ट बीजेपी की गुणगान की वजह से मिली है।

इसी बीच मशहूर लेखिका शोभा डे ने अपने ट्व‍िटर हैंडल पर लिखा कि, चमचागिरी का फल मिल गया, अगला कदम राज्यसभा होगा, पूरी तैयारी है। शोभा डे की तरह ही सोशल एक्टिविस्ट अंजलि दमनिया ने ट्वीट करते हुए लिखा कि अनुपम को सरकार की ओर से पुरस्कार करार दिया है।

वहीं परेश रावल फैन नाम के टि्टवर अकाउंट ने लिखा कि, ‘हां! अनुपम खेर को एफटीआईआई का चेयरमैन इसलिए बनाया गया क्योंकि वह भाजपा समर्थक हैं। मैंने कभी भी उन्हें किसी मूवी या नाटक में नहीं देखा। वह अपना जीवन चलाने के लिए करते क्या हैं।’

देखिए कुछ ऐसे ही ट्विट्स

बता दें कि, अनुपम खेर पिछले काफी वक्त से बीजेपी के सपोर्ट में और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। जिसके लिए उन्हें बीजेपी का चमचा तक कहा गया है। जिस पर अनुपम ने कहा था कि किसी और की बाल्‍टी से अच्‍छा पीएम मोदी का चमचा कहलाना पसंद करेंगे। लोग चाहे जो भी कहें, मैं सच का साथ नहीं छोड़ूंगा। बता दें कि अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर चंड़ीगढ़ से बीजेपी की सांसद हैं।

बता दें कि, अनुपम खेर अब तक 500 से अधिक फिल्मों और थियेटर में काम कर चुके हैं। वह बेंड इट लाइक बेकहम, लस्ट, कॉशन और सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुके हैं।

इससे पहले अनुपम खेर सीबीएफसी और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, वह पद्मश्री (2004) और पद्म भूषण (2016) से सम्मानित हैं। अनुपम खेर खुद इस संस्थान से पढ़े है।

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