कांग्रेस ने रविवार(28 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बढ़ती बेरोजगारी को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी अपने मासिक रेडियो का कार्यक्रम ‘मन की बात’ में वैसे तो हर विषय पर बेबाकी से बोलते हैं, लेकिन वह बेरोजगारी के मुद्दे पर अपनी ‘मन की बात’ क्यों नहीं रखते।
पीएम मोदी द्वारा रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में अपने तीन साल के प्रदर्शन की चर्चा करने के संबंध में एक सवाल के जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री एक प्रखर और मुखर वक्ता हैं। जबरदस्त संवाद करने की उनके अंदर काबलियत है। लेकिन इतने प्रखर वक्ता अस्पृश्ता, सहारनपुर की घटना, उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार पर कभी मन की बात क्यों नहीं करते?
उन्होंने कहा कि लालकिले से संबोधन के समय तो बहुत जोरदार जुमले निकले हैं, लेकिन वह कभी बेरोजगारी पर नहीं बोलते। शुरू में प्रधानमंत्री ने जो ‘मन की बात’ की थी, उसमें दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात कही थी। बीजेपी के घोषणापत्र में उनकी मन की बात को दोहराया गया था। मैंने आपको बताया कि दावों के विपरीत एक साल में मात्र 1.35 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि आईटी सेक्टर में हजारों लोगों की नौकरी खत्म की जा रही है। उन्हें पिंक स्लिप दी जा रही है। इस तरह प्रधानमंत्री पिंक क्रांति ले आये हैं। इस पर ‘मन की बात’ की बात क्यों नहीं होती। क्या यह आपके मन की बात है। उनके मन की बात नहीं है। क्या उनका मन बेरोजगारों की मन की बात से परे है।
बता दें कि पीएम मोदी ने रविवार को देश की जनता को अपने 32वें संस्करण में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए एक बार फिर संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी। साथ ही कई अन्य मुद्दों पर देशवासियों के समक्ष अपनी बात रखी।