वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को माता लक्ष्मी के रूप में दिखाकर ट्रोल हुए जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी, नाराज लोगों ने बताया हिंदू विरोधी

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार यानी पांच जुलाई को अपना पहला बजट पेश करेंगी। पहले चार जुलाई को सीतारमण संसद में आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट पेश करेंगी फिर पांच जुलाई को संसद में बजट भाषण होगा और बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्रालय की अगुआई में बजट की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। बता दें कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद यह उनका पहला बजट है।

देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री ऐसे समय में बजट पेश करने जा रही हैं, जब कम विकास दर, रोजगार में कमी, बचत और उपभोग में गिरावट, मॉनसून की खराब शुरुआत, वैश्विक सुस्ती सहित कई गंभीर चुनौतियां बहुत बढ़ चुकी हैं। यही वजह है कि आम लोगों के साथ-साथ मीडिया को भी इस बजट का बेसब्री से इंतजार है।

सभी न्यूज चैनल इस तैयारी में लग गए हैं कि कैसे सबसे पहले और सटिक जानकारी जनता तक पहुंचाया जाए। इस क्रम में हिंदी समाचार चैनल ज़ी न्यूज़ और उसके संपादक काफी आगे चल रहे हैं। ज़ी न्यूज़ के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बजट को लेकर एक वीडियो शेयर किया है, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है।

यह वीडियो जंगल में आग की तरह सोशल मीडिया पर फैल गया है। दरअसल, इस वीडियो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को हिंदू धर्म की प्रमुख देवी माता लक्ष्मी जी के रूप में दिखाया गया है, जिसे लेकर सुधीर चौधरी यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। सुधीर ने वीडियो के साथ ट्वीट कर लिखा, “बजट कुछ नए अन्दाज़ में ⁦@ZeeNews⁩ पर। पूरा समझना है तो यहाँ आईये।”

लोग सुधीर के साथ-साथ जी न्यूज को भी ट्रोल कर रहे हैं। लोगों ने इसे हिंदू समुदाय के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया है। रचित सेठ नाम एक यूजर ने वीडियो पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा है कि अगर बीजेपी समर्थक इससे नाराज नहीं हैं, तो वे सच्चे हिंदू नहीं हैं और वे पाखंडी भी हैं। मैं भगवान/देवी के रूप में किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के चित्रण के खिलाफ हूं।

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा है कि तेरी हिम्मत कैसी हुई TRP के लिए मां लक्ष्मी के फोटो को इस्तेमाल करने की? अगर ट्वीट डिलीट नहीं किया तो हम हिंदुओं द्वारा हिंदू विरोधी Zee News का बॉयकाट किया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य यूजर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा कि अब कहां गए धर्म के ठेकेदार, अब ये हिंदू धर्म की बेइज्जती नहीं है क्या? इसके अलावा एक यूजर ने चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस से सलाह मांगा है।

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

जानकारों का मानना है कि मोदी सरकार का यह बजट उनके पिछले पांच साल के कामों का ही विस्तार हो सकता है। दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने के बाद बजट में कुछ साहसिक फैसले भी देखने को मिल सकते हैं। क्योंकि ये बजट इस साल कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आना वाला है। बता दें कि आम बजट में सरकार की आर्थिक नीति की दिशा दिखाई देती है। इसमें मंत्रालयों को उनके खर्चों के लिए पैसे का आवंटन होता है। बड़े तौर पर इसमें आने वाले साल के लिए कर प्रस्तावों का ब्योरा पेश किया जाता है।