मॉब लिंचिंग: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सेना के सेवानिवृत्त कैप्टन आमान उल्ला की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या

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देश के अन्य हिस्सों से मॉब लिंचिंग की खबरों के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के अमेठी में भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त कैप्टन को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस वारदात के बाद से इलाके में दहशत फैल गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। गौरतलब है कि अमेठी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का संसदीय क्षेत्र है।

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समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा के मुताबिक, अमेठी में कमरौली थानाक्षेत्र के गोडियन का पुरवा गांव में शनिवार रात को सेना के सेवानिवृत्त कैप्टन आमान उल्ला की लाठी-डंडों से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। आमान उल्ला के बेटे इब्राहिम ने पीटीआई को बताया कि उसके माता-पिता सड़क किनारे बने मकान में रहते थे। रात को कुछ बदमाश घर आए और पिता एवं मां को रस्सी से बांध दिया तथा पिता आमान उल्ला के सिर पर लाठी-डंडो से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी।

इस मामले में अमेठी के अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम ने रविवार को बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि घटना की खबर मिलते ही अमेठी पुलिस के हाथ-पांव फूल गए, आनन-फानन कई बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में आमान उल्ला की पत्नी भी बुरी तरह घायल हो गईं हैं, उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

बता दें कि हाल के दिनों बिहार और झारखंड सहित देश के कई राज्यों में  मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटनाएं हुई हैं। झूठी अफवाहों पर भरोसा कर भीड़ ने कितनों को मौत के घाट उतार दिया तो कइयों को घायल कर दिया। अब देश भर में इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर कैसे अचानक इतने लोग किसी एक मकसद से इकट्ठा होकर किसी व्यक्ति की जान लेने पर आमादा हो जाते हैं?

लिंचिंग के खिलाफ 49 हस्तियों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

बता दें कि मुस्लिमों, दलितों और दूसरे अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे लिंचिंग से चिंतिंत विभिन्न पृष्ठभूमि की 49 बड़ी हस्तियों (जिसमें अनुराग कश्यप और श्याम बेनेगल जैसे लोग शामिल हैं) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। विभिन्न पृष्ठभूमि की 49 हस्तियों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए एक साथ 23 जुलाई को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के जरिए यह मुद्दा उठाया।

अनुराग कश्यप, अपर्णा सेन, अदूर गोपालकृष्णन, मणिरत्नम और कोंकणा सेन शर्मा जैसी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर भारत में बढ़ रहे लिंचिंग के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। पत्र पर श्याम बेनेगल, रिद्धि सेन, रामचंद्र गुहा, बिनायक सेन, सौमित्र चटर्जी, रेवती, शुभा मुद्गल, अनुपम रॉय शामिल आदि के साक्षात्कार किए गए हैं। पत्र में शुरुआत में लिखा गया है, प्रिय प्रधानमंत्री, हम शांतिप्रिय और गर्वित भारतीयों के तौर पर अपने प्रिय देश में हाल के दिनों में घटित होने वाली कई दुखद घटनाओं के बारे में काफी चिंतित हैं।

पत्र में लिखा गया, हमारे संविधान ने भारत को एक धर्मनिरपेक्ष समाजवादी लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में वर्णित किया है, जहां सभी धर्म, जाति, लिंग के नागरिक समान हैं। इसके अलावा पत्र में लिखा गया, मुसलमानों, दलितों और अन्य अल्पसंख्यकों पर भीड़ द्वारा हमले को तुरंत रोका जाना चाहिए। हम नेशनल क्राइम रिकॉर्डस ब्यूरो (एनसीआरबी) की इस रिपोर्ट को जानकर हैरान रह गए कि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं। इस तरह के केस में सजा मिलने का फीसद भी घटा है।

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