RBI के पूर्व गवर्नर ने कहा, GST और नोटबंदी के झटके से पूरी तरह उबरने में लगेंगे और दो साल

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भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदमों से अर्थव्यवस्था को लगे झटके को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाने से इनकार करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को इस स्थिति से पूरी तरह उबरने और उच्च वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिये दो साल के समय की और जरूरत है।

PHOTO: (MARK SCHIEFELBEIN/AFP/Getty Images)

न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस समय आर्थिक वृद्धि को लेकर कोई अनुमान लगाना काफी मुश्किल काम है या फिर यह कहना कि अर्थव्यवस्था फिर से 7.5 से 8 प्रतिशत की संभावित उच्च वृद्धि के रास्ते पर कब लोटेगी। बहरहाल, यह स्थिति अगले 24 माह के दौरान बनती नहीं दिखाई देती है।

रेड्डी ने मुंबई में सप्ताहांत पर संवाददाताओं के एक समूह के सवालों के जवाब में कहा, यह एक एक झटका है जिसकी नकारात्मक धारणा के साथ शुरुआत हुई है। इसमें कुछ सुधार आ सकता है और उसके बाद कुछ फायदा मिल सकता है। फिलहाल इस समय इसमें परेशानी है और लाभ बाद में आयेगा।

कितना फायदा होगा और कितने अंतराल के बाद यह होगा यह देखने की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि, मेरा अनुमान है कि इसमें कुछ साल लग सकते हैं। कुछ साल में हम फिर से 7.5- 8 प्रतिशत वृद्धि पर पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल सकते हैं। उन्होंने कहा, झटके से जो परेशानी खड़ी हुई थी वह कम हो रही है जबकि सकारात्मक माहौल अभी आना बाकी है, मेरी उम्मीद है कि यह माहौल आयेगा

रेड्डी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को तीन साल तक एक प्रकार का सकारात्मक झटका कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट के रूप में मिला है। लगातार तीन साल तक वित्त बाजार में कच्चे तेल के दाम आश्चर्यजनक रूप से नीचे रहे। उन्होंने याद किया कि जब वह गवर्नर थे उसके मुकाबले पिछले तीन साल में कच्चे तेल के दाम एक तिहाई पर आ गए थे।

हालांकि, इस बीच माल एवं सेवाकर लागू होने, नोटबंदी का कदम उठाने और बैंकों की भारी गैर-निष्पादित राशि की वजह से आर्थिक वृद्धि प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि उच्च वृद्धि के दौरान पिछली सरकार में बिना सोच विचार के दिए गये कर्ज और भ्रष्टाचार के आरापों को लेकर दूरसंचार तथा कोयला क्षेत्र में घटे घटनाक्रम से कंपनी क्षेत्र पर काफी दबाव बढ़ गया। इस समूचे घटनाक्रम से बैकिंग तंत्र में फंसा कर्ज 15 प्रतिशत तक बढ़ गया था।

बता दें कि, अभी कुछ दिनों पहले ही भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बाद RBI के पूर्व गवर्नर ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा था। बिना नाम लिए भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर यज्ञ वेणुगोपाल रेड्डी ने देश की आर्थिक वृद्धि के लिए इशारों-इशारों में मोदी सरकार पर हमला बोला था।

वेणुगोपाल रेड्डी ने देश की आर्थिक वृद्धि के लिए गठबंधन सरकारों को बेहतर बताया क्योंकि पिछले तीन दशक में इन्होंने बहुमत की सरकारों की अपेक्षा भारत को बेहतर आर्थिक वृद्धि दी है। बता दें कि, रेड्डी वर्ष 2003 से 2008 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे।

 

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