रेलवे ने दिव्यांग के साथ किया भद्दा मजाक, पैरा एथलीट को दिया ‘अपर बर्थ’, फर्श पर सोकर बिताई रात

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ट्रेन में सफर के दौरान दिव्यांग यात्रियों को हर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करने वाले रेल मंत्री सुरेश प्रभु की उस वक्त पोल खुल गई, जब गरीब रथ में सफर कर रहीं अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने आरक्षित अपना अपर बर्थ बदलने के लिए टीटीई और गार्ड से मदद मांगी, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। नतीजा यह हुआ कि सुवर्णा को ट्रेन की फर्श पर सोकर सफर करना पड़ा।

फोटो: @PRdisabledpower

दरअसल, पैरा एथलीट सुवर्णा राज गरीब रथ एक्सप्रेस से नागपुर से दिल्ली आ रही थीं। रेल मंत्रालय की लापरवाही का आलम यह है कि रेलवे की ओर से उन्हें अपर बर्थ आरक्षित कर दिया गया था, जबकि वह 90 प्रतिशत विकलांग है। ऐसे में व्हीलचेयर पर चलने वालीं सुवर्णा के लिए अपर बर्थ पर चढ़ना संभव नहीं था।

राज ने न्यूज चैनल सीएनएन न्यूज 18 से फोन पर बातचीत करते हुए बताया कि, ‘मैं शनिवार (10 जून, 2017) रात 8:45 बजे गरीब रथ एक्प्रेस से नागपुर से दिल्ली आ रही थी। इस दौरान मुझे ट्रेन की अपर बर्थ आरक्षित कर दिया गया था, जिसे बदलने के लिए टीटीई से कई बार कहा, लेकिन उन्होंने हर इसे अनसुना कर दिया। और मेरे सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।

सुवर्णा ने रविवार(11 जून) सुबह ट्रेन से सीएनएन से फोन पर बातचीत में बताया कि 12 घंटे हो चुके हैं, मैंने टीटीई को 10 बार फोन किया, लेकिन वह नहीं आए। उन्होंने बताया कि कोई टिकट चेक करने भी नहीं आया। मैं अब तक वॉशरूम भी नहीं जा पाई हूं। सुवर्णा की ट्रेन सुबह 10:20 बजे निजामुद्दीन स्टेशन पहुंची।

दिल्ली पहुंचने के बाद सीएनएन ने सुवर्णा ने कहा कि, ‘मैंने दिव्यांग कोच में टीक बुक की थी, लेकिन रेलवे ने मुझे अपर बर्थ आरक्षित कर दिया। मुझे जमीन पर सोकर सफर करना पड़ा। हमें क्या चाहिए यह पूछने वाला भी ट्रेन में कोई नहीं था। मैं इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की चीजें नहीं मांग रही, बस वही मांग रही हूं जो इंसान होने के नाते हम हकदार हैं।

सुवर्णा ने इस पूरी घटना की जानकारी ट्वीट के जरिए भी दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मैं व्हीलचेयर का इस्तेमाल करती हूं। ऐसे में मैं अपर बर्थ पर कैसे जा सकती हूं। मैंने इस संबंध में ट्रेन में मौजूद गार्ड और टीटीई से भी शिकायत की, लेकिन उनकी ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया। कृपया आप मेरी मदद करें।

अंतरराष्ट्रीय पैरा ओलंपिक में मेडल विजेता खिलाड़ी ने आगे कहा कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु को खुद ट्रेन में सफर करना चाहिए और सारी सच्चाई जाननी चाहिए। सुवर्णा राज का कहना है कि वह रेल मंत्री से मिलकर अपनी बात कहना चाहती हैं।

 

 

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