भारतीय रेलों की लेट-लतीफी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 15 घंटे देर से आने वाली गाड़ियों की संख्या में 800 फीसदी की वृद्धि

0

भारतीय रेलों की लेटलतीफी से सारा देश वाकिफ है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु कई सारे ट्वीट, करके रेलवे की छोटी-छोटी उपलब्धियों को गिनाया है। लेकिन रेलों की देरी पर नई जानकारी ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु के सारे दावों की कलई खोल दी है। ट्रेनों की लेट-लतीफी के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पिछले एक साल में इसमें बेतहाशा वृद्धि हुई है। रेलवे की इस दुर्दशा को  trainsuvidha.com नाम की वेबसाइट ने उजागर किया है।

Also Read:  झंडे के पायदान के बाद अब अमेजन ने किया महात्मा गांधी का अपमान, बेच रहा है बापू की तस्वीर वाली चप्पलें

सुरेश प्रभु

इस साइट ने पहली बार रेलवे के पिछले चार साल के उस डेटा का अध्ययन किया जिसमें ट्रेनों के लेट होने की जानकारी दी गई है। वेबसाइट जो आंकड़े पेश करती है उसके मुताबिक, 400 किमी से अधिक की यात्रा करने वालीं एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के आंकड़े 15 घंटे से अधिक लेट होने वाली ट्रेनों की संख्या पहली तिमाही में 2014 में 382, 2015 में 479 और 2016 में 165 थी।

Also Read:  महाराष्ट्र के MLC ने सरेआम शाहरुख खान को दी धमकी, कहा- क्या तुमने अलीबाग को खरीद लिया है? मेरी इजाजत के बिना यहां घुस भी नहीं सकते
Congress advt 2

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ट्रेनों के लेट होने के मामले में यही संख्या 2017 में बढ़कर 1,337 हो गई। यानी पिछले साल की तुलना में इस साल के पहले तीन महीने में 15 घंटे से ज्यादा लेट होने वाली ट्रेनों की संख्या में 810 फीसदी की वृद्धि हो गई. पिछले साल इसी अवधि में 10 से 15 घंटे तक लेट होने वाली ट्रेनों की संक्चया 430 थी जो इस साल बढ़कर 1,382 हो गई।

Also Read:  अब लड़कों को भी करनी पड़ेगी होम साइंस की पढ़ाई, सभी स्कूली छात्रों के लिए होगा अनिवार्य

वेबसाइट के अनुसार 400 किमी से ज्यादा दूरी की एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में खूब बढ़ोत्तरी हुई है। अगर 2015-16 से तुलना की जाए तो इसमें 800 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में 10 से 15 घंटे तक लेट होने वाली ट्रेनों की संक्चया 430 थी जो इस साल बढ़कर 1,382 हो गई। ट्रेनों की देरी के पूरे आंकड़े आप यहां से देख सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here