“कई हफ्तों से अर्नब गोस्वामी बेलगाम पत्रकारिता की हत्या करते हुए हर संवैधानिक मर्यादा की धज्जियां उड़ा रहे थे”: ‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक की गिरफ्तारी पर बोले NDTV के एंकर रवीश कुमार

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महाराष्ट्र में एक इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार हुए ‘रिपब्लिक टीवी’ के एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद ‘एनडीटीवी इंडिया’ के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपने पोस्ट के जरिए ‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक पर निशाना साधा है। रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि, अर्नब गोस्वामी कई हफ्तों से बेलगाम पत्रकारिता की हत्या करते हुए हर संवैधानिक मर्यादा की धज्जियां उड़ा रहे थे।

अर्नब गोस्वामी
फाइल फोटो: सोशल मीडिया

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद NDTV के एंकर रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में लिखा, “एक बार अर्नब गोस्वामी हाथरस केस में योगी की पुलिस को ललकार कर देख लेते, मुख्यमंत्री योगी को ललकार कर देख लेते जिस तरह से वे मुख्यमंत्री उद्धव को ललकारते हैं तो आपको अंतर पता चल जाता कि कौन सी सरकार संविधान का पालन कर रही है। उद्धव ठाकरे ने प्रचुर संयम का परिचय दिया है और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओ ने भी जिनकी एक छवि मारपीट की भी रही है।”

‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक पर निशाना साधते हुए रवीश ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “कई हफ्तों से अर्नब बेलगाम पत्रकारिता की हत्या करते हुए हर संवैधानिक मर्यादा की धज्जियां उड़ा रहे थे। पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्विट किया है कि यूपी में पत्रकारों के खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। क्या अर्णब में साहस है कि वे अब भी योगी सरकार को ललकार दें इस मसले पर। जो आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं वो सीमा की बात करने लगेंगे और अर्नब पर रासुका लगा दी जाएगा डॉ कफील ख़ान की तरह। गौरी लंकेश की हत्या के मामले को अर्णब ने कैसे कवर किया था? या नहीं किया था?”

NDTV के एंकर ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि, “अर्नब की पत्रकारिता रेडियो रवांडा का उदाहरण है जिसके उद्घोषक ने भीड़ को उकसा दिया और लाखों लोग मारे गए थे। अर्नब ने कभी भीड़ की हिंसा में मारे गए लोगों का पक्ष नहीं लिया। पिछले चार महीने से अपने न्यूज़ चैनल में जो वो कर रहे हैं उस पर अदालतों की कई टिप्पणियां आ चुकी हैं। तब किसी मंत्री ने क्यों नहीं कहा कि कोर्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला कर रहा है? जबकि मोदी राज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को जिनती बार उभारा गया है उतना किसी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ। हर बात में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा बताई और दिखाई जाती है।”

रवीश कुमार का यह फेसबुक पोस्ट अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, उसके इस पोस्ट पर यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। बता दें कि, फर्जी टेलीविन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) रैकेट में मामले में ‘रिपब्लिक टीवी’ के विवादास्पद एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी इन दिनों विवादों में घिरे हुए हैं।

गौरतलब है कि, महाराष्ट्र के रायगढ़ पुलिस की टीम ने बुधवार सुबह मुंबई के लोअर परेल स्थित घर से अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद बुधवार देर रात ही अर्नब को तीन अन्य आरोपियों के साथ अलीबाग कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है। कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने भी मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है।

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