अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर सियासत जारी, योगी सरकार में मंत्री रहे ओम प्रकाश राजभर ने BJP को दिखाया आईना, पूछा- “यूपी में जो पत्रकारों के साथ हुआ वो इमरजेंसी था या रामराज?”

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एक इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार अंग्रेजी समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ के एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी को लेकर उत्तर प्रदेश में भी सियासी हलचल शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तमाम भाजपा के नेताओं की तरह ही अर्नब गोस्वामी के खिलाफ हुई कार्रवाई को गलत बताया है। योगी के इसी बयान को लेकर भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके ओमप्रकाश राजभर तंज कसते हुए पूछा कि यूपी सरकार ने जो किया वो क्या था- ‘इमरजेंसी या रामराज?’ राजभर ने कहा है कि अर्नब के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बिलबिलाने वाले तब चुप क्यों थे जब यूपी में पत्रकारों का उत्पीड़न हो रहा था।

अर्नब गोस्वामी

महाराष्ट्र में आत्महत्या के एक मामले में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा था, “वरिष्ठ पत्रकार श्री अर्नब गोस्वामी जी की गिरफ्तारी कांग्रेस पार्टी के द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार है। देश में इमरजेंसी थोपने व सच्चाई का सामना करने से हमेशा मुंह छुपाने वाली कांग्रेस पुनः प्रजातंत्र का गला घोंटने का प्रयास कर रही है।” सीएम ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, “कांग्रेस समर्थित महाराष्ट्र सरकार का यह कृत्य लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया को स्वतंत्र रूप से कार्य करने से रोकने का कुत्सित प्रयास है।”

इस बीच, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री रहे ओम प्रकाश राजभर ने करारा हमला करते हुए भाजपा नेताओं को आईना दिखाया है। राजभर ने एक ट्वीट में लिखा, “योगी सरकार में मिड डे मील के नाम पर मासूम बच्चों को नमक रोटी परोसे जाने की खबर सामने लाने वाले मिर्जापुर के पत्रकार पवन जायसवाल, आज़मगढ़ के पत्रकार संजय जायसवाल, प्रशांत कनौजिया भ्रष्टाचार उजागर करने वाले मनीष पांडेय के साथ UP सरकार ने जो किया वो क्या था? इमरजेंसी या रामराज?”

राजभर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “योगी सरकार में एक साल मे चालीस पत्रकारों पर FIR हुई! पत्रकारों की हत्या हो गयी! सरकार के खिलाफ ख़बर लिखने पर EOW जैसी ऐजेसी पीछे लगा दी गयी पर जो आज अर्नब की गिरफ्तारी पर बिलबिला रहे है वह ख़ामोश थे और अर्नब की गिरफ़्तारी से इनको लोकतंत्र की याद आ रही है! नौटंकी इसी को कहते है!”

गौरतलब है कि, महाराष्ट्र के रायगढ़ पुलिस की टीम ने बुधवार सुबह मुंबई के लोअर परेल स्थित घर से अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद बुधवार देर रात ही अर्नब को तीन अन्य आरोपियों के साथ अलीबाग कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है। कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने भी मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है।

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