कठुआ गैंगरेप-हत्या मामले में पीड़िता की वकील ने ज़ी न्यूज़ को भेजा कानूनी नोटिस, जानिए क्या है मामला?

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 साल की नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या मामले में पीड़िता की वकील दीपिका सिंह राजावत ने हिंदी समाचार चैनल जी न्यूज को कानूनी नोटिस भेजा है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यह नोटिस कठुआ गैंगरेप-हत्या मामले में कथित तौर पर उनके खिलाफ गलत तथ्यों के आधार पर फर्जी खबर चलाए जाने को लेकर भेजा है।  दरअसल, सोमवार (16 अप्रैल) को सोमवार की रात को जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी ने अपने कार्यक्रम डीएनए में कठुआ गैंगरेप और हत्या का पूरा सच बताने का दावा करते हुए उन्होंने पीड़िता की वकील दीपिका सिंह राजावत पर कुछ निजी आक्षेप लगाए और उन्हें जेएनयू से जुड़ा बताया था।

इस रिपोर्ट के नाराज दीपिका ने अपने वकील के द्वारा 18 अप्रैल को जी न्यूज और चैनल के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के नाम कानूनी नोटिस भेज दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक नोटिस में लिखा है कि जी न्यूज के कार्यक्रम डीएनए के दावे हमारी क्लाइंट को बदनाम करने के उद्देश्य से किए गए थे।

नोटिस में कहा गया है कि चैनल (जी न्यूज) जानबूझकर मामले की सांप्रदायीकरण कर रहा है। चैनल को भेजे गए नोटिस में जी न्यूज से कार्यक्रम के वीडियो को हटाने और चैनल से ऑन एयर माफी मांगने की मांग की गई है। यह नोटिस नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और प्रेस काउंसिल को भी भेजा गया है।

बता दें कि सुधीर चौधरी ने सोमवार की रात अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में कठुआ की जघन्य गैंगरेप-हत्या मामले में दायर चार्जशीट पर भी सवाल खड़ा करने की कोशिश की किया था। सुधीर ने अपने कार्यक्रम की शुरूआत में दावा किया था कि उनका चैनल कठुआ का पूरा सच बताएगा। सुधीर ने अपने कार्यक्रम में आरोप लगाया कि मीडिया में जो कुछ भी कठुआ के बारे में बताया जा रहा है, उसमें एक खास प्रकार का एजेंडा शामिल है।

बता दें कि इससे पहले भी ज़ी न्यूज़ को न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBSA) से बड़ा झटका लग चुका है। पिछले दिनों NBSA ने मशहूर उर्दू कवि और साइंटिस्ट गौहर रज़ा के खिलाफ शरारती और विवादित कार्यक्रम को प्रसारित करने के आरोप में जी न्यूज द्वारा पाए गए सजा के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया थी।

ज़ी न्यूज़ की सजा बरकरार रखते हुए NBSA ने साफ तौर पर निर्देश दिया था चैनल 16 फरवरी 2018 को फुल स्क्रीन माफीनामा चलाए। दरअसल, मार्च 2016 में ज़ी न्यूज़ ने ‘अफ़ज़ल प्रेमी गैंग का मुशायरा’ टाइटल से एक प्रोग्राम अपने चैनल पर चलाया था। इस प्रोग्राम में गौहर रज़ा को शंकर शाद मुशायरे में पढ़ी नज़्म के लिए कथित रूप से “अफ़ज़ल प्रेमी गैंग” का सदस्य, राष्ट्रद्रोही और अफ़ज़ल गुरु का समर्थक कहा गया था।

कठुआ मामले में देश भर में विरोध-प्रदर्शन जारी

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 वर्षीय नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के केस ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। साथ ही साथ हर आदमी, सेलेब्रिटी और बच्चियां भी आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल की लड़की को जनवरी में एक सप्ताह तक कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था और उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी।

आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है जिसके खिलाफ एक पृथक आरोपपत्र दायर किया गया है। अपराध शाखा द्वारा दायर आरोपपत्रों के अनुसार, बकरवाल समुदाय की लड़की का अपहरण, बलात्कार और हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी ताकि इस अल्पसंख्यक घुमंतू समुदाय को इलाके से हटाया जा सके। इसमें कठुआ के एक छोटे गांव के एक मंदिर के रखरखाव करने वाले को इस अपराध का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।

सांजी राम ने कथित रूप से विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा, मित्र प्रवेश कुमार उर्फ मन्नु, राम के भतीजे एक नाबालिग और उसके बेटे विशाल उर्फ ‘शम्मा’ के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। आरोपपत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उपनिरीक्षक आनंद दत्ता को भी नामजद किया गया है, जिन्होंने राम से चार लाख रुपये कथित रूप से लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए।

आरोप पत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता का भी नाम है जिन्होंने कथित तौर पर राम से चार लाख रूपये लिये और अहम साक्ष्य नष्ट किये। आठों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

 

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