मोदी-ट्रंप मुलाकात: ‘भारत के इशारे’ पर व्हाइट हाउस में पत्रकारों को सवाल पूछने की नहीं दी गई इजाजत

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार(26 जून) देर रात व्‍हाइट हाउस पहुंचे। व्‍हाइट हाउस पहुंचने पर खुद अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्‍नी मेलानिया ने उनका जोरदार स्‍वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त किया। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया।

इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं की तरफ से एक संयुक्त बयान जारी किया गया, लेकिन साझा बयान के बाद पत्रकारों को सवाल पूछने की अनुमति नहीं दी गई। जबकि इससे पहले भारतीय मीडिया में खबर आई थी कि ज्वाइंट स्टेटमेंट के बाद दोनों नेता मीडिया के एक-एक सवाल का जवाब देंगे।

NDTV ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि सोमवार रात को व्हाइट हाउस में आयोजित रात्रिभोज से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तथा भारतीय प्रधानमंत्री मोदी पत्रकारों को संबोधित करेंगे। पहले निर्धारित किए गए कार्यक्रम में बताया गया था कि दोनों में से कोई भी नेता किसी पत्रकार के किसी भी सवाल का जवाब नहीं देंगे, लेकिन इसमें बदलाव करते हुए अमेरिका और भारत ने अब तय किया है कि उनकी बैठक को लेकर संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, और दोनों नेता पहले से निर्धारित एक-एक सवाल का जवाब देंगे।

सोशल मीडिया पर आरोप लग रहा है कि भारत के इशारे पर इस कार्यक्रम में बदलाव किया गया। दोनों नेताओं से पत्रकारों को सवाल पूछने की इजाजत नहीं मिलने पर अमेरिकी मीडिया ने निराशा व्यक्त किया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2009 में भारत के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की मेजबानी की थी, उस दौरान दोनों नेताओं ने पत्रकारों के सभी सवालों का मनोरंजन करते हुए जवाब दिए थे।

इस दौरान दोनों नेताओं ने पत्रकारों के एक-एक सवालों के जवाब दिए थे। जबकि, सोमवार को मोदी और ट्रंप के मुलाकात के दौरान वहां मौजूद पत्रकारों को सवाल पूछने की इजाजत नहीं दी गई। गौरतलब है कि ट्रंप और मोदी पर आरोप लगता रहा है कि ये दोनों नेता अपने-अपने देशों में मीडिया से घृणा करते हैं और सार्वजनिक रूप से पत्रकारों से बातचीत करने के बचते हैं।

पीएम मोदी 2014 में सत्ता में आने के बाद से एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित नहीं किया है। जबकि ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया को फर्जी करार दे चुके हैं। हालांकि, दोनों नेता अपने पसंदीदा मीडिया हाउस को इंटरव्यू देते रहे हैं, जहां उन्हें पत्रकार द्वारा पूछे गए सवालों से कोई दिक्कत नहीं होती है, क्यों इंटरव्यू लेना वाला पत्रकार उनके मुताबिक सवाल पूछते हैं।

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी चुने हुए भारतीय मीडिया को एक-दो इंटरव्यू दिए हैं, जिन्हें मोदी सरकार का झंडा बुलंद करने के लिए जाना जाता है। इसी प्रकार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का पसंदीदा चैनल फॉक्स न्यूज है, जिसे वह हमेशा इंटरव्यू देते रहते हैं।

अभी पिछले दिनों वरिष्ठ पत्रकार और निजी न्यूज चैनल NDTV के सह-संस्थापक व कार्यकारी सह-अध्यक्ष प्रणय रॉय के आवास और कार्यालयों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई छापेमारी बाद अमेरिकी मीडिया द्वारा मोदी सरकार की काफी आलोचना की गई थी।

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