भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय ने समाचार चैनल टाइम्स नाउ पर अर्नब गोस्वामी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान झूठ बोलने के लिए कांग्रेस नेता संजय निरुपम से एक असाधारण माफी मांगी है। राय ने उन सांसदों में से एक के रूप में ‘गलत तरीके से’ निरुपम के नाम का उल्लेख करने के लिए माफी मांगी है, जिन्होंने उन पर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर कैग की रिपोर्ट में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का नाम नहीं लेने का दबाव डाला था।
2014 में अर्नब गोस्वामी से बात करते हुए राय ने कहा था, “2जी पर, कांग्रेस के सांसदों ने मुझसे कहा, ‘चलो प्रधानमंत्री को इससे दूर रखें’।” जब गोस्वामी ने उनसे उन कांग्रेस सांसदों का नाम पूछा, तो राय ने कहा था, “कांग्रेस के तीन-चार सांसद थे। लेकिन, वे अब सांसद नहीं हैं। इसलिए यह पता लगाना बहुत आसान है कि वे कौन हैं।”
जब अर्नब गोस्वामी ने जोर दिया, तो राय ने कहा, “मैं उन नामों को याद नहीं कर सकता, लेकिन उन बैठकों में मौजूद कांग्रेस सांसदों में श्री संजय निरुपम, श्री अश्विनी कुमार, श्री संदीप दीक्षित थे।”
जिसके बाद निरुपम ने राय के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। वहीं, अब राय ने अपने बयान के लिए निरुपम से माफी मांग ली।
राय ने निरुपम से अपनी माफी में कहा, “मैंने अनजाने में और गलती से संजय निरुपम के नाम का उल्लेख उन सांसदों में से एक के रूप में किया जिन्होंने मुझ पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम को पीएसी में बैठकों के दौरान या जेपीसी की बैठकों के दौरान 2 जी स्पेक्ट्रम असाइनमेंट पर कैग की रिपोर्ट से बाहर रखने का दबाव डाला था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं संजय निरुपम, उनके परिवार और शुभचिंतकों को दिए गए मेरे बयानों के कारण हुए दर्द और पीड़ा को समझता हूं और इसलिए मैं अपने बयानों से संजय निरुपम और उनके परिवार को हुए नुकसान के लिए बिना शर्त माफी मांगना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि संजय निरुपम मेरी बिना शर्त माफी पर विचार करेंगे और इसे स्वीकार कर इस मामले को बंद कर देंगे।”
राय की माफी पर प्रतिक्रिया देते हुए निरुपम ने ट्वीट किया, “अंत में पूर्व सीएजी विनोद राय ने मेरे द्वारा एमएम कोर्ट, पटियाला हाउस, नई दिल्ली में दायर मानहानि के मामले में मुझसे बिना शर्त माफी मांगी। यूपीए सरकार द्वारा किए गए 2जी और कोयला ब्लॉक आवंटन के बारे में अपनी सभी फर्जी रिपोर्टों के लिए उन्हें अब देश से माफी मांगनी चाहिए।”
Finally former CAG Vinod Rai tendered an unconditional apology to me in a defamation case filed by me in MM Court, Patiyala house, New Delhi today.
He must apologize to the nation now for all his forged reports about 2G and Coal block allocations done by the UPA Govt.#VinodRai pic.twitter.com/OdxwZXonCq— Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) October 28, 2021
तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ राय के निराधार आरोपों ने मनमोहन सिंह को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में हटाने और 2014 के आम चुनावों में नरेंद्र मोदी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
बता दें कि, मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अर्नब गोस्वामी ने टाइम्स नाउ छोड़ दिया और भाजपा सांसद राजीव चंद्रशेखर की मदद से रिपब्लिक टीवी लॉन्च किया था।