गुजरात: क्रिकेट टूर्नामेंट में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी की जगह दी गई ‘गाय’

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वध के लिए पशुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और बीफ खाने को लेकर देश भर में चल रहे घमासान बीच गुजरात के वड़ोदरा में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जहां आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में जीतने वाली टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी देने की जगह पुरस्कार के तौर पर गाय दी गई है। ये टूर्नामेंट रबारी समाज ने आयोजित कराया था।यहां का नजारा देख सब लोग हैरान रह गए जब क्रिकेट टूर्नामेंट में ‘मैन ऑफ द मैच’ और विजेता टीम के सभी खिलाड़ियों को पुरस्कार में ट्रॉफी या पैसों नहीं दिया गया बल्कि उन्हें गिर प्रजाति की गायें दी गईं। आयोजकों का कहना है कि इस मुहिम के जरिए समाज को गौरक्षा का संदेश देना चाहते हैं।

बता दें कि गुजरात में राबड़ी समाज मुख्य रूप से चरवाहे हैं और इनका गोवंश से गहरा संबंध है। ये समाज कई साल से पशु पालते आ रहे हैं। हालांकि, बदलते दौर के साथ इस जाति के लोगों ने भी रोजी-रोटी के लिए दूसरे धंधे चुन लिए, लेकिन अभी भी इनका गायों से बड़ा लगाव है।

टूर्नामेंट के आयोजक प्रकाश राबड़ी के अनुसार, इस माध्यम से वह लोगों को गाय के महत्व के बारे में संदेश देना चाहते हैं कि गाय हमारे समाज का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वहीं, विजेता टीम राजू राबरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे। तभी इन्हें बचाया जा सकता है।

बता दें कि पिछले तीन वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों से गोरक्षकों द्वारा हिंसक घटनाओं की खबरें आई हैं। केन्द्र सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर मवेशी बाजार में वध के लिए पशुओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। कई राज्य इस कानून का विरोध कर रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर बैन लगाने का न सिर्फ विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी में भी हंगामा मचा हुआ है। मेघालय में बीफ बैन के मुद्दे पर दो बड़े बीजेपी नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

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