VIDEO: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने महिलाओं से धुलवाए पैर, वीडियो हुआ वायरल

0

 

जहां एक पीएम मोदी महिलाओं को सम्मान देने की बात करते है, वहीं दूसरी और बीजेपी के अपने ही मुख्यमंत्री इसका पालन करना भूल गए। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो दो महिलाओं से अपने पैर साफ करवा रहे हैं।

रघुबर दास

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम रघुबर दास जमशेदपुर के बह्म लोक धाम में ‘गुरु महोत्सव’ कार्यक्रम में गए थे। जब वह कार्यक्रम में पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। उन पर फूल बरसाए गए, यहां तक कि महिलाओं ने पानी से उनके पैर भी धोए। लेकिन सीएम साहब ने इसके लिए मना नहीं किया बकायदा वो खड़े होकर पैर धुलवाते रहे और गर्व की अनुभूति करते रहे।

Also Read:  फर्जी डिग्री मामला: स्मृति ईरानी के लिए बड़ा दिन, कोर्ट आज सुना सकता है फैसला

ख़बरों के मुताबिक, रघुबर दास का ये वीडियो 7 जुलाई का है और रघुबर दास इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी पार्टियां ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

ख़बरों के मुताबिक, इस मामले को लेकर कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा कि जब रघुबर दास के पैर धोने की प्रक्रिया की जा रही थी तो केवल महिलाओं ने ही यह काम क्यों किया। साथ ही विपक्ष का कहना है कि रघुबर दास ने महिलाओं से पैर धुलवा कर उनका अपमान किया है।

Also Read:  राजस्थान: गोरक्षकों के भेष में हिंदुत्व आतंकियों की गुंडागर्दी जारी, गाय ले जा रहे ट्रकों में तोड़फोड़, ड्राइवरों को बुरी तरह पीटा

देखिए वीडियो:

बता दें कि, गुरु पूर्णिमा हिंदू महीने आषाढ़ के पूर्ण चंद्रमा वाले दिन के रूप में चिन्हित है। हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म से ताल्लुक रखने वाले अपने गुरु के सम्मान में यह इस पर्व को मनाते हैं, जो कि जीवन में ज्ञान से हमारा मार्गदर्शन करते हैं। गुरु पूर्णिमा का दिन जून और जुलाई महीनों के बीच में आता है।

Also Read:  कपिल शर्मा ने अली असगर और चंदन प्रभाकर को ट्वीटर से किया अनफाॅलो

हिन्दू परम्परा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि गुरु पूर्णिमा को गुरु की पूजा करने से ज्ञान, शांति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। गुरु पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था। मान्यता है कि उन्होंने चारों वेदों को लिपिबद्ध किया था, इस कारण उनका एक नाम वेद व्यास भी है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here