प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के बाद एक अपने दो पसंदीदा न्यूज चैनलों जी न्यूज और टाइम्स नाउ को इंटरव्यू दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 19 जनवरी की रात हिंदी समाचार चैनल जी न्यूज़ को साल 2018 का पहला धमाकेदार इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतराष्ट्रीय मसले, जीएसटी, नोटबंदी और रोजगार जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी रखा। लेकिन इस इंटरव्यू में रोजगार के मुद्दे पर पीएम मोदी ने ऐसा उदाहरण दिया कि ट्विटर पर आज भी उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।
फाइल फोटो।दरअसल, पीएम मोदी ने जी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अगर जी न्यूज के दफ्तर के बाहर कोई पकौड़े बेचता है तो क्या उसे रोजगार नहीं माना जाए? इस बीच सोशल मीडिया यूजर्स के बाद अब पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी रविवार (28 जनवरी) को सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पकौड़ा बेचना भी नौकरी है तो फिर भीख मांगने को भी रोजगार के एक विकल्प के तौर पर देखना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने रविवार सुबह ट्वीट किया, ‘अगर पकौड़े बेचना भी नौकरी है तो प्रधानमंत्री के इस तर्क के मुताबिक भीख मांगना भी जॉब है। अब उन गरीब और अक्षम लोगों को भी रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में गिन लेना चाहिए, जिन्हें मजबूरी में भीख मांगकर गुजारा करना पड़ रहा है’।
5. Even selling pakodas is a 'job' said PM. By that logic, even begging is a job. Let's count poor or disabled persons who are forced to beg for a living as 'employed' people.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) January 28, 2018
एक बाद एक किए गए कई ट्वीट्स में चिदंबरम ने कहा कि सरकार नौकरियों के अवसर पैदा करने मामले में पूरी तरह से फेल है और उसे कुछ सूझ नहीं रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि, ‘एक अन्य मंत्री का कहना है कि मनरेगा मजदूर को भी नौकरी करने वालों में गिनना चाहिए। यदि वह नौकरी है तो क्या सिर्फ 100 दिन के लिए है और बाकी 265 दिन उन्हें बेरोजगार रहना पड़ता है।’
6. Another minister wanted MGNREGA workers to be counted as holding jobs. So they are 'job' holders for 100 days and jobless for 265 days!
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) January 28, 2018
दरअसल, जब जी न्यूज के संपादक और एंकर सुधीर चौधरी ने पीएम मोदी से आम चुनाव के दौरान उनके द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब उन्होंने कहा कि अगर जी न्यूज के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं? पीएम मोदी के इस उदाहरण पर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया, कई लोगों ने इस बयान को युवाओं के साथ मजाक करार देते हुए नाराजगी व्यक्त की।
सुधीर चौधरी ने पीएम मोदी द्वारा नवंबर 2013 में आगरा में किए गए उस वादे को लेकर सवाल किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि युवाओं के लिए वह देश में एक करोड़ नौकरियां पैदा करेंगे, इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने जवाब दिया, ‘कोई मुझे बताए कि अगर आपके जी न्यूज के बाहर किसी ने पकौड़े की दुकान लगाई और शाम को वह 200 रुपए कमाकर घर गया, इसको आप रोजगार कहेंगे कि नहीं कहेंगे? किस रजिस्टर में लिखा होगा कि यहां कोई व्यक्ति 200 रुपए रोज कमाता है। यह सीधी-सीधी समझ का विषय है कि बैंक से 10 करोड़ लोगों को पैसा दिया गया है, मतलब इतने सारे लोगों ने रोजी-रोटी पाई है।’
पीएम मोदी द्वारा पकौड़े की दुकान लगाने को रोजगार बताने के बाद से ही ‘पकौड़ा’ सोशल मीडिया पर तैर रहा है। सोशल मीडिया पर बहुत से लोग पीएम मोदी को उनकी इस टिप्पणी की वजह से घेर रहे हैं। हालांकि पीएम मोदी के समर्थक उनका बचाव कर रहे हैं। चिदंबरम से पहले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि, ‘बेरोजगार युवाओं को पकौड़े का ठेला लगाने का सुझाव एक चाय वाला ही दे सकता है। अर्थशास्त्री ऐसा सुझाव नहीं देता।’