NDTV खरीदे जाने की खबरों को बाबा रामदेव और पत्रकार निधि राजदान ने किया खारिज

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वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज चैनल NDTV के सह-संस्थापक और कार्यकारी सह-अध्यक्ष प्रणय रॉय के आवास पर सीबीआई की छापेमारी के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी खबर वायरल हो गई, जिसमें दावा किया गया कि योग गुरु बाबा रामदेव एनडीटीवी को खरीदने वाले हैं। हालांकि, बाद में यह खबर फर्जी निकला।रामदेव

दरअसल, मीडिया से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने वाली वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया ने इस खबर को चलाई, जिसमे दावा किया गया है कि रामदेव एनडीटीवी को खरीदने वाले हैं। हालांकि, खबर वायरल होने के बाद वेबसाइट ने इस खबर को फौरन हटा लिया।

खबर वायरल होने के बाद बाबा रामदेव के प्रवक्ता तिजारावाला ने भी ट्वीट करके खबर को खारिज कर दिया। साथ ही बाबा रामदेव ने भी तिजारावाला के ट्वीट को अपने ट्विटर पर शेयर किया है।

इसके अलावा एनडीटीवी की एंकर व वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने भी ट्वीट कर खबर को फर्जी बताया है। निधि राजदान ने ट्विटर पर लिखा, हेलो लोगों, रामदेव एनडीटीवी को नहीं खरीद रहे हैं, शुक्रिया।

बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज चैनल NDTV के सह-संस्थापक और कार्यकारी सह-अध्यक्ष प्रणय रॉय के आवास पर सोमवार(5 जून) को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छापा मारा है। CBI ने इस बात की पुष्टि की कि NDTV के सह-संस्थापक और को-चेयरपर्सन प्रणय रॉय के दिल्ली स्थित घर पर छापेमारी चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय पर फंड डायवर्जन तथा बैंक से धोखाधड़ी का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, CBI सूत्रों ने कहा कि प्रणय रॉय, राधिका रॉय और आरआरपीआर होल्डिंग्स के खिलाफ एक प्राइवेट कंपनी और आईसीआईसीआई बैंक को कथित तौर पर 48 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है।

NDTV ने लगाया बदले की कार्रवाई का आरोप

CBI की इस छापेमारी को NDTV ने बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है। NDTV ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर कहा कि ‘आज सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पुराने और अंतहीन झूठे आरोपों के आधार पर एनडीटीवी एवं उसके प्रमोटरों के संगठित उत्पीड़न को और अधिक बढ़ा दिया।’

बयान में कहा गया कि एनडीटीवी और उसके प्रमोटर विभिन्न एजेंसियों की ओर से की जा रही इस बदले की कार्रवाई के खिलाफ लगातार लड़ते रहेंगे। इसमें कहा गया, ‘हम भारत में लोकतंत्र और बोलने की स्वतंत्रता को बुरी तरह से कमजोर कर देने के इन प्रयासों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।’

भारत के संस्थानों और भारत जिन चीजों के लिए खड़ा है, उन्हें बर्बाद करने की कोशिश करने वालों के लिए हम एक संदेश देना चाहते हैं कि हम अपने देश के लिए लड़ेंगे और इन ताकतों पर जीत हासिल करेंगे।’

 

 

 

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