आसाराम को उम्रकैद मिलने से भड़के समर्थकों ने BJP को सत्ता से उखाड़ फेंकने की शुरू की मुहिम, ‘बलात्कारी’ बाबा और PM मोदी का पुराना वीडियो हुआ वायरल

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स्वयंभू बाबा आसाराम को एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में दोषी करार देते हुए अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा आसाराम के साथ सहअभियुक्त शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अदालत के विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने बुधवार (25 अप्रैल) को जोधपुर सेंट्रल जेल परिसर में यह फैसला सुनाया।इससे पहले अदालत ने आसाराम और दो अन्य आरोपियों शिल्पी और शरतचंद्र को दोषी करार दिया, जबकि अन्य दो प्रकाश और शिव को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया। इस बीच अदालत से आसाराम को सजा मिलने के बाद उनके समर्थक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भड़क गए हैं। आसाराम के समर्थक बीजेपी को उखाड़ फेंकने की मुहिम शुरू कर दिए हैं।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक 77 वर्षीय आसाराम के लाखों समर्थकों ने आने वाले चुनावों में बीजेपी को सबक सिखाने की कसम खाई है। बलात्कारी बाबा के समर्थकों ने प्रण लिया है कि आने वाले चुनावों में वो बड़ी संख्या में बीजेपी के खिलाफ वोट डालेंगे और बीजेपी सरकार को हटवा कर ही दम लेंगे। आसाराम के अनुयायियों ने आरोप लगाया है कि आसाराम के खिलाफ आए फैसले में बीजेपी की राजनीतिक चाल है।

आसाराम के समर्थकों ने एक प्रेस विज्ञप्ति तैयार किया है। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि ‘बापूजी’ के करोड़ों समर्थक मिल कर इस बार चुनाव में बीजेपी को हराने की पुरजोर कोशिश करेंगे, क्योंकि बीजेपी न्यायिक कार्यों में लगातार दखलअंदाजी कर रही है। बता दें कि आसाराम के पास उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित बीजेपी शासित कई राज्यों में करीब चार करोड़ से अधिक अनुयायी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक अगर वाकई में आसाराम के समर्थक बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं तो पार्टी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विज्ञप्ति में आसाराम के समर्थकों ने ‘जज लोया’ मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये फैसले का जिक्र भी किया है। अनुयायियों का कहना है कि आसाराम बापू के फैसले में हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि बीजेपी ने अपने फायदे के लिए न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश की हो।

समर्थकों का आरोप है कि आने वाले चुनाव को लेकर इसमें बीजेपी का सियासी हित हो सकता है। बीजेपी खुद को बचाने और क्रेडिट लेने के लिए ऐसा कर सकती है। बीजेपी अपनी छवि बनाने के लिए आसाराम के मामले का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रही है। बता दें कि बीजेपी को आसाराम के समर्थकों की इस नाराजगी का सबसे पहले सामना राजस्थान में आने वाले विधानसभा चुनावों में करना पड़ सकता है। जहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया दूसरे कार्यकाल की उम्मीद लगाकर बैठी हुई हैं।

मोदी और आसाराम का वीडियो हुआ वायरल

इस बीच आसाराम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे पुराने वीडियो में पीएम मोदी आसाराम के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो में आसाराम कहता नजर आ रहा है कि उसका सपना जो अब साकार हो गया है। वह मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता था। वीडियो में पीएम मोदी आसाराम को माला पहना रहे हैं। उसके पैर छू रहे हैं।

इसमें तब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं जब कोई नहीं जानता था उस समय से उन्हें आसाराम के आशीर्वाद मिलते रहे हैं। स्नेह मिलता रहा है। नरेंद्र मोदी कह रहे हैं, ‘मैं बापू (आसाराम) को प्रणाम करता हूं। वह मुझे नई शक्ति देंगे। उसी विश्वास के साथ सत्संग में आने का अवसर मिला। मैं अपने आप को भाग्यवान मानता हूं। पूज्य बापू के श्री चरणों में नमन।’

आसाराम-मोदी संबंध : कल और आज

आसाराम-मोदी संबंध : कल और आज

Posted by जनता का रिपोर्टर on Thursday, 26 April 2018

आसाराम को उम्रकैद

गौरतलब है कि स्वयंभू संत आसाराम को एक किशोरी से बलात्कार के मामले में बुधवार (25 अप्रैल) को राजस्थान के जोधपुर की एक विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर सेंट्रल जेल में लगाई गई अदालत में आसाराम को बलात्कार का दोषी ठहराया और उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। बिश्नोई ने कहा कि आसाराम जीवन पर्यंत अर्थात् मृत्यु होने तक जेल में रहेगा। यह घटना पांच साल पहले उसके आश्रम में हुई थी। बता दें कि एक साल के भीतर यह दूसरा मामला है, जब देश में किसी स्वयंभू बाबा को बलात्कार के अपराध में अदालत ने दोषी करार दिया है।

वहीं, इस मामले में लिप्त आसाराम के दो सहयोगियों, छात्रवास की वॉर्डन शिल्पी और गुरुकुल के संचालक शरद को भी 20-20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। जबकि दो अन्य सहयोगी सेवादार शिवा तथा रसोइया प्रकाश द्विवेदी को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। आरोप था कि शिल्पी इलाज के नाम पर छात्र को प्रेरित कर आसाराम के पास भेजती थी, जबकि शरद ने छात्र की बीमारी का इलाज नहीं कराया। उसने छात्र के परिजनों को भ्रमित किया कि उसका इलाज सिर्फ आसाराम ही कर सकता है।

77 साल का आसाराम इसी जेल में चार साल से अधिक समय से कैद है। उसके वकीलों ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब यौन हिंसा, विशेषकर नाबालिगों और बच्चों से बलात्कार के बढ़ते मामलों को लेकर देश में बहस चल रही है। विशेष न्यायाधीश ने 453 पन्नों के अपने फैसले में इस बात को लेकर दुख जताया कि आसाराम ने अपने घृणित कृत्य से ‘‘ना केवल अपने अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचाई, बल्कि आम लोगों में संतों की प्रतिष्ठा भी धूमिल की।’’

समाचार एजेंसी भाषा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पीड़िता के पिता एवं उसके परिवार की आसाराम में आस्था की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, ‘‘उनके (पीड़िता के पिता) मन में आसाराम के लिए इतना सम्मान था कि उन्होंने अपने बेटे और बेटी, दोनों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के गुरूकुल पढ़ने के लिए भेज दिया था। लेकिन उसने बुरी शक्तियों के प्रभाव से मुक्त कराने के बहाने पीड़िता को अपने आश्रम बुलाकर उससे बलात्कार किया।’’

10 हजार करोड़ का खड़ा कर लिया था साम्राज्य

साबरमती नदी के किनारे एक झोंपड़ी से शुरुआत करने से लेकर देश और दुनियाभर में 400 से अधिक आश्रम बनाने वाले आसाराम ने चार दशक में 10,000 करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया था। आसाराम की ताकतवर लोगों से दोस्ती रही है और उसे नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी एवं दिग्विजय सिंह सहित बीजेपी और कांग्रेस के कई नेताओं के साथ देखा जाता रहा था।

आसाराम और चार अन्य सहआरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत छह नवंबर 2013 को पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया था। पीड़िता ने आसाराम पर उसे जोधपुर के नजदीक मनाई इलाके में आश्रम में बुलाने और 15 अगस्त 2013 की रात उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कहा, ‘‘हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और हमें खुशी है कि न्याय मिला।’’ उन्होंने कहा कि परिवार लगातार दहशत में जी रहा था और इसका उनके व्यापार पर भी काफी असर पड़ा। आसाराम मामले में अंतिम सुनवाई सात अप्रैल को पूरी हो गई थी और फैसला 25 अप्रैल के लिए सुरक्षित रखा गया था।

आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर एक सितंबर 2013 को जोधपुर लाया गया था और दो सितंबर 2013 से वह न्यायिक हिरासत में है। आसाराम पर गुजरात के सूरत में भी बलात्कार का एक मामला चल रहा है। आसाराम ने 12 बार जमानत याचिका दायर की, जिसे छह बार निचली अदालत ने, तीन बार राजस्थान उच्च न्यायालय और तीन बार उच्चतम न्यायालय ने खारिज किया।

 

 

 

 

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