लोकसभा में बुधवार (3 जुलाई) को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली और एक बार तो उन्हें शांत करवाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को यहां तक कहना पड़ा कि ‘सदन को बंगाल विधानसभा मत बनाइए।’
भाजपा की लॉकेट चटर्जी ने मंगलवार को सदन में शून्यकाल के दौरान आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में ‘‘जन्म से लेकर मृत्यु तक हर जगह कट मनी ली जाती है।’’ उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और राज्य सरकार पर इस तरह का आरोप लगाया था जिसे लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई थी।
इस मुद्दे को रेखांकित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने बुधवार को सदन में कहा कि भाजपा सदस्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए जो इस सदन में उपस्थित नहीं हैं। इसलिए इस संबंध में कही गई बातों को सदन के रिकार्ड से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था के प्रश्न को सदन में नहीं उठाया जा सकता।
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह सारी कार्यवाही को देखने के बाद इस संबंध में व्यवस्था दे देंगे।सुदीप बंदोपाध्याय के बैठने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों और पश्चिम बंगाल से भाजपा के कुछ सदस्यों के बीच देर तक नोकझोंक देखने को मिली। अध्यक्ष बिरला के कहने के बावजूद सदस्य देर तक एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए देखे गए।
बाद में स्पीकर ने यह भी कहा, ‘‘सदन को बंगाल विधानसभा मत बनाइए।’’ शून्यकाल में पश्चिम बंगाल से भाजपा के अर्जुन सिंह ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में गायों की तस्करी होने और इसमें तृणमूल कांग्रेस नीत राज्य सरकार के शामिल होने का आरोप लगाया, वहीं राज्य से ही भाजपा की सदस्य लॉकेट चटर्जी ने राज्य में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों को मारे जाने का आरोप लगाया।
तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने जोरदार तरीके से भाजपा सदस्यों की बात पर विरोध जताया। इसके बाद दोनों दलों के सदस्य एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हुए देखे गए। (इंपुट: भाषा के साथ)