नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और एनआरपी को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेता कन्हैया कुमार के काफिले पर बिहार में मधेपुरा जिले के पास गुरुवार को कुछ उपद्रवियों ने फिर पथराव किया।

हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस हमले में उनकी गाड़ियों को नुकसान हुआ है लेकिन वह बाल-बाल बच गए। बता दें कि, सीपीआई नेता पर यह एक सप्ताह में तीसरी बार हमला हुआ है। इससे पहले बुधवार को सुपौल इलाके में उनके काफिले पर पथराव किया गया था। वहीं, इससे पहले एक फरवरी को सारण जिले में कन्हैया के काफिले पर हमला हुआ था।
Stones hurled at Left leader Kanhaiya Kumar's convoy in Bihar's Madhepura district: CPI state secretary Satya Narayan Singh
— Press Trust of India (@PTI_News) February 6, 2020
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीपीआई के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने पटना में एक बयान जारी कर इस घटना की कड़ी निंदा की और हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सिंह ने कहा कि बुधवार को सुपौल में एक ऐसा ही हमला हुआ, जिसमें वाहन क्षतिग्रस्त हुआ और कई लोग घायल हो गए थे। सिंह ने कहा, ‘ये हमले आरएसएस और भाजपा समर्थित लोगों द्वारा करवाए जा रहे हैं। अगर सरकार तत्काल कोई कदम नहीं उठाती है तो हम आंदोलन करने को मजबूर होंगे।’
सीएए-एनपीआर-एनआरसी के विरोध में राज्यव्यापी यात्रा कर रहे कन्हैया के काफिले पर एक फरवरी को सारण जिले में भी हमला किया गया था। कन्हैया की राज्यव्यापी यह यात्रा 29 फरवरी को पटना में संपन्न होगी। कन्हैया कुमार पर एक हफ्ते में पथराव की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 1 फरवरी और उसके बाद बुधवार को उनके काफिले पर कुछ उपद्रवियों ने पथराव कर दिया था।
बता दें कि, सीपीआई नेता और जेएनयू के पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरपी और एनआरसी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न शहरों में जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं और लोगों को संबोधित कर रहे हैं।