कर्नाटक के शिवमोगा जिले में विस्फोट की घटना के सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है तथा मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में पत्थर तोड़ने की सुविधा से जुड़ा एक ठेकेदार शामिल है जहां जिलेटिन की छड़ों से लदे ट्रक में विस्फोट हुआ था। हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढने की आशंका को खारिज नहीं किया।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने अपने गृह जिले शिवमोगा के हनासोडू में पत्थर तोड़ने की सुविधा में हुए धमाके में लोगों मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और इसके पीछे जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह कल रात से वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और बचाव अभियान शुरू करने के लिए दलों को रवाना किया गया है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘शोक संतप्त परिजन के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका को खारिज नहीं किया। शिवमोगा के उपायुक्त के बी शिवकुमार ने शुक्रवार को पीटीआई (भाषा) से कहा, ‘ऐसा सुनने में आ रहा है कि कम से कम दस से पंद्रह लोगों की मौत हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने का इंतजार करना होगा।’
पत्थर तोड़ने की सुविधा में रात साढ़े दस बजे के लगभग धमाका हुआ जिससे न केवल शिवमोगा बल्कि पास के चिक्कमगलुरु, दावणगेरे और उत्तर कन्नड जिलों में भी झटके महसूस किए गए। धमाके से ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट इतना तेज था कि घरों में दरारें आ गईं, खिड़कियों के शीशे टूट गए। विस्फोट से ट्रक के परखच्चे उड़ गए तथा शव इस बुरी तरह क्षत विक्षत हो गए कि उनका पहचानना मुश्किल हो गया। (इंपुट: भाषा के साथ)