प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार ने खड़े किए हाथ, रामविलास पासवान ने कहा- कीमतें कम करना हमारे हाथ में नहीं

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बीते कुछ दिनों से बाजारों में टमाटर के भाव से परेशान जनता को अब प्याज भी रुला रही है। टमाटर के साथ-साथ अब प्याज के दाम भी दिन-पर-दिन आसमान छूते जा रहे हैं। जिससे आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इसमें कब और कैसे गिरावट आएगी।

हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी ताकत के साथ इस पर काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर केंद्र और राज्य सरकारों को साथ मिलकर काम करना होगा। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार (29 नवंबर) को कहा कि, केंद्र और राज्य को मिलकर इस समस्या से लड़ना है।

केंद्र पूरी ताकत से इस दिशा में काम कर रहा है। हम कीमतों में गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं। अगर आप मुझसे पूछेंगे कि यह कब और कैसे कम होगी तो मेरे पास इसका जवाब नहीं है। उनके इस बयान से तो ऐसा ही लगता है कि, उपभोक्ताओं को लंबे समय तक महंगी प्याज से ही काम चलाना होगा।

साथ ही केंद्रीय मंत्री पासवान ने लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार को पीडीएस के तहत प्याज बेचने को कहा गया है। महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से कम कीमत पर खरीदने के बाद बेचने को कहा गया है। अगर आपके पास कोई सुझाव है तो आप साझा कीजिए हम इस पर विचार करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साथ ही रामविलास पासवान ने कहा कि प्याज का रकबा वर्ष 2016-17 के 2.65 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस साल 2017-18 में घटकर 1.90 लाख हेक्टेयर रह गया है। पत्रकारों से बातचीत में पासवान ने कहा, हमने कई कदम उठाए हैं।

महाराष्ट्र के नासिक और राजस्थान के अलवर में सरकारी एजेंसियों ने प्याज की खरीदी की है। साथ ही, प्याज का आयात भी किया गया है, लेकिन कीमतें कम करना हमारे हाथ में नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खरीफ प्याज की फसल की आवक शुरू होने पर इसकी कीमतों में कमी आ सकती है।

 

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