मशहूर खोजी वेबसाइट कोबरा पोस्ट ने सोमवार(26 मार्च) को ‘ऑपरेशन 136’ नाम के अपने स्टिंग ऑपरेशन में कई सनसनीखेज खुलासा किया थे। कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में देश के तमाम मीडिया समूहों का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया है। वेबसाइट ने अपने स्टिंग में इस बात का पर्दाफाश किया है कि किस तरह देश के कई बड़े-बड़े और नामी मीडिया समूह पैसे लेकर किसी के पक्ष या विपक्ष में खबरें चलाने के लिए तैयार हैं।
@INCIndiaकोबरापोस्ट के इस खुलासे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ख़बर का लिंक शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा कि, ‘मैं उन लोगों से कभी नफरत नहीं कर सकता जो मेरे खिलाफ झूठी कहानियां गढ़कर तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश करते हैं और घृणा फैलाने का काम करते हैं। कोबरा पोस्ट खुलासे से साफ है कि उनके लिए घृणा फैलाना बिजनेस है और लाभ का धंधा है। मेरे खिलाफ उनके झूठ का जाल बुनने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।’
मैं उन लोगों से कभी नफरत नहीं कर सकता जो झूठी खबरें दिखाकर और प्रकाशित कर मेरे खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘मीडिया संस्थानों के लिए यह एक व्यापार का हिस्सा है। जैसा कि कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग में दिखाया।’
I can never hate those who try to stir up hate against me, with fake stories and their cunning twisting of fact.
For them it’s just business; hate sold for a price, as the Cobrapost expose shows.
I’m blessed and honoured that they make their livelihoods
spinning lies about me. https://t.co/S3VmWu6pet— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 28, 2018
बता दें कि, कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग में दिखाया गया था कि किस तरह से तमाम मीडिया समूह खुद को हिंदुत्व ब्रिग्रेड का सिपहसालार बताते हुए खुद पर गर्व कर रहे हैं। साथ ही पैसों के लालच में वह उग्र हिंदुत्व के एजेंडे, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कवरेज से लेकर विरोधी पार्टियों को नीचा दिखाने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वे मीडिया समूह इसके लिए काला धन भी लेने को तैयार हैं।
दिल्ली के प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कोबरा पोस्ट ने बताया कि यह मीडिया समूह ‘हिन्दुत्व’ के एजेंडे को भी आगे बढ़ाने के लिए पैसे लेकर राजनीतिक अभियान चलाने को तैयार हो गए। इस स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि देश की बहुत सारी मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधि बिल देने के बजाए कैश में भुगतान लेने को तैयार थे।
स्टिंग ऑपरेशन में जिन प्रमुख मीडिया समूहों का नाम हैं, उनमें हिंदी समाचार पेपर पंजाब केसरी, दैनिक जागरण, अमर उजाला, समाचार एजेंसी यूएनआई और नामी वेबसाइट स्कूपवूप आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा इंडिया टीवी, साधना प्राइम, हिन्दी खबर, सब टीवी, डीएनए, समाचार प्लस, 9 एक्स टशन, आज हिंदी, एचएनएन लाइव 24, स्वतंत्र भारत और रीडिफ.कॉम भी इस स्टिंग में पैसे के बदले खबरें चलाने को तैयार दिखे।