कर्नाटक: येदियुरप्पा सरकार को भ्रष्टाचार में नंबर-1 बता सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए अमित शाह, राहुल गांधी ने भी ली चुटकी

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दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले कर्नाटक में मंगलवार (27 मार्च) को चुनावी बिगुल बजने के बाद ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी और राज्‍य की सिद्धारमैया सरकार पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस पर हिंदू धर्म को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कर्नाटक की जनता कांग्रेस के लिंगायत कार्ड का जवाब बैलेट से देगी। बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मिशन कर्नाटक पर है। शाह का मंगलवार को कर्नाटक दौरे का दूसरा दिन है।

File Photo: PTI

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद प्रेस कॉन्फेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष राज्य की मौजूदा सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधते नजर आए। शाह ने कहा कि कर्नाटक की जनता यहां की सरकार से खुश नहीं है। यहां लोग वह बदलाव चाहते हैं। मीडिया से बात करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरे दिन मैंने 30 निर्वाचन क्षेत्रों में किसानों, संतों और भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कर्नाटक के लोग सिद्धारमैया सरकार से नाखुश हैं और यह दिखाई दे रहा है कि लोग बदलाव की तलाश कर रहे हैं।

अमित शाह की फिसली जुुबान

हालांकि इस दौरान कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते-लगाते बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जुबान फिसल गई और उनकी जुबान से अपनी ही पिछली येदियुरप्पा सरकार के लिए आलोचना के स्वर निकल गए। जिस वजह से शाह को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह सिद्धारमैया सरकार के भ्रष्टाचार को गिना रहे थे।

इस दौरान अमित शाह ने कहा कि, ‘अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए अगर स्पर्धा कर ली जाए तो येदियुरप्पा सरकार को भ्रष्टाचार में नंबर वन का अवॉर्ड देना पड़ेगा।’ दरअसल बीजेपी अध्यक्ष मौजूदा मुख्यमंत्री के. सिद्धारमैया की आलोचना कर रहे थे और उनकी जुबान से अपने ही नेता और राज्य में बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा का नाम निकल गया। इसके फौरन बाद अमित शाह के दाहिनी तरफ खुद बीएस येदियुरप्पा बैठे हुए थे।

अमित शाह की जब जुबान फिसली तो उनकी बाईं तरफ बैठे एक नेता ने उनके कान में इस गलती के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद शाह को भी इसका एहसास हुआ और उन्होंने फौरन अरे…कहते हुए कहा कि सिद्धारमैया सरकार को भ्रष्टाचार के लिए नंबर वन का अवॉर्ड देना पड़ेगा। बता दें कि येदियुरप्पा इससे पहले भी कर्नाटक में बीजेपी की सरकार में मुख्यमंत्री रह चुके हैं और इस बार भी बीजेपी ने उन्हें राज्य में अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है।

राहुल गांधी ने कसा तंज

अमित शाह द्वारा गलती से अपनी ही पिछली सरकार के लिए आलोचना के स्वर निकल जाने के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर बीजेपी अध्यक्ष का मजाक बनाना शुरू कर दिया है। शाह के बयान की वीडियो क्लिप को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर बीजेपी पर चुटकी ली है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर लिखा, ‘अब क्योंकि बीजेपी आईटी सेल ने कर्नाटक चुनाव की घोषणा कर दी है तो टॉप सीक्रेट कैंपेन वीडियो भी देख लिया जाए। यह बीजेपी अध्यक्ष की ओर से तोहफा है। कर्नाटक में हमारे कैंपेन की अच्छी शुरुआत हुई है। वह कहते हैं कि येदियुरप्पा ने आजतक की सबसे भ्रष्ट सरकार चलाई है।’

वहीं, राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस की सोशल मीडिया सेल की इंचार्ज दिव्या स्पंदना ने लिखा, ‘कौन जानता था कि अमित शाह भी सच बोल सकते हैं और अमित जी हम सभी आपसे सहमत है कि बीजेपी और येदियुरप्पा सबसे भ्रष्ट हैं।’

जबकि कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा, “भाजपा अध्यक्ष, श्री अमित शाह ने भाजपा की येदुरूप्पा सरकार को भ्रष्टाचार का नंबर वन अवार्ड देने की बात कही। झूठ और जुमले कितने भी घड़ों, सच्चाई मुँह से निकल ही जाती है। अब कर्नाटक देगा जबाब।”

कांग्रेस के अलावा सोशल मीडिया पर भी अमित शाह का यह वीडियो शेयर कर लोग जमकर मजा ले रहे हैं।

https://twitter.com/Rishika_Negii/status/978556469116219392

https://twitter.com/SirDubey_/status/978558986390663168

https://twitter.com/Rishika_Negii/status/978559997180239872

12 मई को होगा कर्नाटक विधानसभा चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने मंगलवार (27 मार्च) को ऐलान किया कि कर्नाटक विधानसभा के चुनाव 12 मई को कराए जाएंगे और वोटों की गिनती 15 मई को होगी। कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए पिछली बार की तरह इस बार भी एक ही चरण में चुनाव होंगे। रावत ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इन चुनावों की अधिसूचना 17 अप्रैल को जारी की जाएगी। नामांकन-पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 24 अप्रैल होगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 27 अप्रैल होगी। उन्होंने कहा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) वोटर वेरिफायेबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों से जुड़ी होंगी।

बता दें कि कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों के लिए इन चुनावों को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ साल में कई विधानसभा चुनाव हारने के बाद कर्नाटक ही एकमात्र बड़ा राज्य है जहां की सत्ता पर कांग्रेस काबिज है। भाजपा इन चुनावों में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की अगुवाई वाली जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) इस चुनावी अखाड़े में दमखम दिखाने की कोशिश कर रही तीसरी पार्टी है।

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