ब्रिटिश कन्सल्टिंग कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा पांच करोड़ फेसबुक यूजर्स की जानकारी चुराने का मामला भारत में राजनीतिक रंग ले चुका है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भिड़ी हुईं हैं। बुधवार (21 मार्च) को दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर चुनावों में कैंब्रिज एनालिटिका की सेवा लेने का आरोप लगाया है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार किया है।
फोटो- @ashokgehlot51राहुल गांधी ने गुरुवार (22 मार्च) को ट्वीट बीजेपी और मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि इराक में मारे गए 39 भारतीयों की मौत से लोगों का ध्यान हटाने के लिए फेसबुक लीक मामले में कांग्रेस का नाम उछाला गया है। बता दें कि इराक के मोसुल शहर में पिछले चार सालों से लापता 39 भारतीयों के बारे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार (20 मार्च) को स्थिति साफ करते हुए कहा था कि उनकी हत्या कर दी गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि इराक में 39 भारतीयों की मौत हुई। सरकार सोती रही और झूठ बोलती पकड़ी गई। राहुल ने आगे लिखा कि इसके उपाय के तौर पर कांग्रेस और डेटा चोरी की कहानी गढ़ी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि मीडिया नेटवर्क से 39 भारतीयों की मौत की खबर गायब हो गई और सरकार की समस्या का समाधान हो गया।
Problem: 39 Indians dead; Govt on the mat, caught lying.
Solution: Invent story on Congress & Data Theft.
Result: Media networks bite bait; 39 Indians vanish from radar.
Problem solved.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 22, 2018
बुधवार को कैम्ब्रिज एनालिटिका और फेसबुक डेटा लीक का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी के कंपनी के साथ संबंध हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कैम्ब्रिज एनालिटिका की सेवा ली है। मीडिया वर्ग द्वारा इसे ब्रह्मा कहा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी व सहयोगी दलों ने कंपनी की सेवाएं लीं।
क्या है मामला?
बता दें कि ब्रिटिश डेटा विश्लेषण कंपनी, कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा बिना उनकी मंजूरी के चुरा लिए हैं और उसका उपयोग राजनेताओं की मदद के लिए किया गया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रेक्सिट अभियान शामिल हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में प्रभावित करने के लिए फेसबुक के पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग किया था।
इस मामले के सामने आने के बाद फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका दोनो को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन समेत अमेरिका में भी कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों कंपनियां इस मामले को लेकर भारी आलोचना झेल रहीं हैं। इस बीच भारत ने भी बुधवार (21 मार्च) को फेसबुक और उसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग को कथित तौर पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए डेटा का दुरुपयोग करने को लेकर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। रविशंकर प्रसाद ने जुकरबर्ग को चेताते हुए कहा कि आईटी कानून में हमारे पास काफी अधिकार हैं। आपको भारत में समन भी किया जा सकता है।
इसी बीच विश्वभर में डेटा चोरी का मामला सुर्खियों में आने के बाद फेसबुक के मुखिया व सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने चुप्पी तोड़ी है। जुकरबर्ग ने फेसबुक पर पोस्ट लिखा है और अपनी गलती को स्वीकार किया है। साथ ही उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी सफाई दी और कहा कि कंपनी ने इस मामले में कई कदम उठाए हैं और भी सख्त कदम उठा सकती है। जुकरबर्ग ने कहा कि इस कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी द्वारा किए गए धोखाधड़ी के लिए फेसबुक हजारों एप्प की जांच करेगा। डेटा लीक पर बवाल के बाद जुकरबर्ग ने फेसबुक पोस्ट के जरिए सफाई दी है।
जकरबर्ग ने लिखा है कि, “तमाम यूजर्स के डेटा की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हमें आपके लिए काम करने का हक नहीं है।” उन्होंने लिखा है कि, “मैं यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आखिर यह हुआ कैसे हुआ। इसके अलावा यह सुनिश्चित करने की भी कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसा न हो सके।” फेसबुक के मुखिया ने इस पोस्ट में कहा कि फेसबुक को मैंने शुरू किया था, इसके साथ अगर कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरी ही है। हम अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश करते रहेंगे, हम एक बार फिर आपका विश्वास जीतेंगे।