किसान आंदोलन: BJP ने विज्ञापन में जिस किसान की तस्वीर लगाई वो सिंघु बॉर्डर पर विरोध-प्रदर्शन में है शामिल, अब भाजपा को लीगल नोटिस भेजने की तैयारी में ‘पोस्टर बॉय’

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मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान पिछले एक महीने से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच, पंजाब भारतीय जनता पार्टी की टीम ने कृषि कानूनों के समर्थन में एक विज्ञापन जारी किया है। भाजपा ने इस पोस्टर में जिस पंजाब के किसान की फोटो लगाई है, वो पिछले 2 हफ्तों से सिंघू बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहें विरोध-प्रदर्शन में बैठे हैं। पंजाब भाजपा ने फेसबुक से अब वह पोस्‍टर हटा लिया है मगर सोशल मीडिया पर भाजपा की जमकर आलोचना हो रही है।

पंजाब

यह मामला पहली बार तब सामने आया जब भाजपा की पंजाब इकाई ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर कृषि कानून के समर्थन के लिए एक ग्राफिक पोस्ट किया। इस विज्ञापन में पार्टी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उठी शंकाओं को दूर करने की कोशिश की है। विज्ञापन में भाजपा की पंजाब यूनिट ने सोमवार को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया था। फसल खरीद पर डेटा दे रहे इस विज्ञापन के एक कोने में एक पंजाबी किसान को हल लेकर खड़ा हुआ दिखाया गया है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा की पंजाब यूनिट ने अपने इस विज्ञापन पर जिस किसान की फोटो लगाई है उनका नाम हरप्रीत सिंह है और वह किसान कानूनों पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन में सिंघू बॉर्डर पर शामिल हैं। हरप्रीत का आरोप है कि भाजपा ने गैरकानूनी तरीके से उनकी तस्वीर इस्तेमाल की है। हरप्रीत पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं। पेशे से किसान भी हैं और एक्टर भी।

उनका कहना है कि ये तस्वीर उन्होंने 6-7 साल पहले सोशल मीडिया पर डाली थी। उन्हें कल शाम एक दोस्त ने वॉट्सऐप कर बताया कि विज्ञापन में उनकी तस्वीर लगी है, जबकि तस्वीर लगाने के पहले उनकी इजाज़त नहीं ली गई। अब उन्हें लोग फोन कर भाजपा का पोस्टर बॉय बता रहे हैं। वहीं वो कह रहे हैं कि वो भाजपा के नहीं बल्कि किसानों के पोस्टर बॉय हैं। उन्होंने भाजपा के ऐड और अपनी ओरिजिनल तस्वीर के साथ भाजपा को लीगल नोटिस भेजने का फैसला किया है।

हरप्रीत दो हफ्तों से सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां 26 नवंबर से ही किसान कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

गौरतलब है कि, केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के अंदरूनी इलाकों से आए हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर से विरोध प्रदर्शन पर बैठे हैं। वे हरियाणा की सिंघु, टिकरी सीमा और उत्तर प्रदेश की गाजीपुर और चिल्ला सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। किसानों के इस आंदोलन को कई संगठनों और राजनितिक दलों का समर्थन मिल चुका है। किसानों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के साथ-साथ अपनी सहयोगी पार्टियों के भी निशाने पर आ गई है।

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