बिहार: चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर PM मोदी ने पहली बार तोड़ी चुप्पी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिहार में ‘चमकी’ बुखार के कारण बच्चों की लगातार मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिति हमारी 70 साल की विफलताओं में से एक है और हम सभी को मिलकर इन विफलताओं से निबटने के समाधान खोजने होंगे। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही। चमकी बुखार को लेकर बच्चों की हो रही मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार बयान दिया है।

बिहार में बच्चों की इन्सेफेलाइटिस के कारण मौत की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह हम सभी के लिए ‘दुख और शर्म’ की बात है। उन्होंने कहा कि आज भी बच्चों का बुखार से मरना देश की 70 साल की विफलताओं में से एक है और हम सभी को मिलकर इन विफलताओं से निबटने के समाधान खोजने होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बारे में वह राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर अच्छी स्थिति नजर आ रही है पर बड़ा क्लेम नहीं कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि जो यह दुखद स्थिति है उससे जल्दी हम बाहर निकल जाएंगे। मैंने तुरंत अपने हेल्थ मिनिस्टर को वहां दौड़ाया। जितना जल्दी हो सके इससे लोगों को निकालेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि पोषण, टीकाकरण, आयुष्मान के जरिए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करेंगे। ऐसी समस्याओं से लोगों को बचाने के लिए काम करना होगा। प्रधानमंत्री के जवाब के बाद उच्च सदन ने राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। साथ ही धन्यवाद प्रस्ताव पर लाये गये विपक्ष के संशोधन प्रस्तावों को भी सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया।

बता दें कि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार (दिमागी बुखार) के कारण बिहार के मुजफ्फरपुर व आसपास के जिलों में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है और राज्य सरकार के स्तर पर फिलहाल जो प्रयास हुए भी हैं, वे नाकाफी हैं। एईएस के चलते बिहार में अब तक 150 से अधिक मासूमों की मौत हो चुकी है।

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण सिर्फ मुजफ्फरपुर में 132 बच्चों की मौत हो गई है, जिसमें से 111 बच्चे श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में काल के गाल में समा गए हैं। वहीं, केजरीवाल अस्पताल में 21 बच्चों की मौत हो गई है। इन्सेफ्लाइटिस के चलते मौतों के पीछे मुख्य वजह कुपोषण और गरीबी भी बताई जा रही है।

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